— मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना में श्रम विभाग ने जारी किए नए निर्देश….
भोपाल। राज्य सरकार ने श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब श्रमिकों की आयु गणना के लिए केवल आधार कार्ड की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। श्रम विभाग द्वारा जारी नवीन निर्देशों के अनुसार अब कई प्रकार के दस्तावेज आयु प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जाएंगे।

श्रम विभाग के अतिरिक्त सचिव बसंत कुर्रे ने बताया कि अब आयु के प्रमाण के लिए परीक्षा लेने वाले बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र या अंकसूची विद्यालय छोड़ने का प्रमाण पत्र जो उस अंतिम विद्यालय से प्राप्त हो, जिसमें श्रमिक ने अध्ययन किया हो जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार से जारी प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत या मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य होंगे।

इसके अलावा यदि ये सभी प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हैं तो सरकारी सेवा में सहायक शल्य चिकित्सक या उससे उच्च अधिकारी द्वारा जारी चिकित्सीय प्रमाण पत्र को भी आयु प्रमाण के रूप में मान्यता दी जाएगी उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद गुण दोष के आधार पर श्रमिक की आयु का अंतिम निर्णय लिया जाएगा यह निर्णय उन श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा जिनके पास आधार कार्ड में जन्म तिथि संबंधी त्रुटियां या असंगतियां हैं।





