Dindori Hit & Run : 16 मौतें 11 गंभीर घायल कोई नहीं मिला मुआवजा! एक साल से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लंबित…

Rathore Ramshay Mardan
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मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में सरकारी सिस्टम की लापरवाही और प्रावधानों की जानकारी के अभाव में पीड़ित पक्षों को जिले में हिट एंड रन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अज्ञात वाहनों की टक्कर से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं लेकिन इनमें से किसी को भी अभी तक योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध नहीं हो पाई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक हिट एंड रन मामलों में पीड़ित पक्ष को दो माह के अंदर सहायता राशि मुहैया कराना अनिवार्य है, बाबजूद इसके जिले में अभी तक इसमें अमल नहीं हो पा रहा है। इसका एक कारण पिछले एक साल से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक नहीं होना भी है पूर्व में योजना के तहत हिट एंड रन मामले में घायल होने पर बारह हजार पांच सौ तथा मौत होने पर पच्चीस हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती थी लेकिन वर्ष 2022 में सरकार ने मुआवजे की रकम में इजाफा करते हुए घायल को पचास हजार तथा मृतक आश्रित को दो लाख रुपये सहायता राशि का प्रावधान कर दिया है इसके तहत पीड़ित अथवा उसके परिजनों द्वारा पुलिस में एफआईआर दर्ज करने का नियम है।

वहीं जिले में वाहनों से टक्कर मारकर भागने वाले मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है । आंकड़ों पर गौर करें तो मार्च 2023 से जून 2025 के बीच नौ माह में 16 हिट एंड रन के केस दर्ज किए गए हैं , जिनमें 16 लोगों की मौत हुई है ,जबकि 11 गंभीर रूप से घायल हुए हैं आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2024 में तीन अप्रैल 2024 में एक मई 2024 में एक अक्टूबर 2024 में एक नवंबर 2024 में एक दिसंबर 2024 में एक मार्च 2025 से एक मई 2025 में एक जून 2025 में चार हिट एंड रन से जुड़े हादसे हुए हैं, इनके शहपुरा थाना अंतर्गत चार गाडासरई और डिंडौरी कोतवाली अंतर्गत तीन-तीन एवं बजाग शाहपुर और करंजिया थाना में दो-दो प्रकरण दर्ज हैं।

हिट एंड रन केस के प्रावधानों के मुताबिक सड़क हादसे की तिथि से 30 दिन तक टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की खोजबीन की जाती है लेकिन अज्ञात वाहन की पतासाजी न होने की दशा में पुलिस मुआवजा प्रकरण को संबंधित तहसीलदार को प्रेषित करती है जिसके बाद तहसीलदार द्वारा पटवारी से मौका पंचनामा तैयार करवाया जाता है जिसे एसडीएम की अनुशंसा के आधार पर कलेक्टर न्यायालय को प्रेषित किया जाता है जहां से मुआवजा राशि हेतु प्रकरण संबंधित बीमा कंपनी को भेजे जाने का प्रावधान है योजना के तहत मृतक के आश्रित को दो लाख एवं गंभीर घायल को पचास हजार की राशि उपलब्ध कराई जाती है इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि प्रभावित पक्ष को दो माह के अंदर मुआवजा प्रदान करना आवश्यक है। लेकिन जिले में 2023 से वर्तमान तक किसी भी प्रकरण पर मुआवजा राशि जारी नहीं की गई है।

गौरतलब यह है कि हिट एंड रन केस में प्रभावित पक्ष को मुआवजा राशि उपलब्ध होने में देरी का प्रमुख कारण पिछले एक साल से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आहूत न होना भी है कलेक्टर की अध्यक्षता वाली इस समिति में पुलिस अधीक्षक जिला परिवहन अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुख्य नगर परिषद अधिकारी रोड एजेंसी और यातायात पुलिस की मौजूदगी में चर्चा की जाती है और प्रकरणों का निराकरण किया जाता है लेकिन पिछले साल से उक्त बैठक न होने से पीड़ित पक्ष मुआवजा से वंचित है।

“वहीं मामले को लेकर कलेक्टर डिंडौरी अंजू पवन भदौरिया ने कहा यह गंभीर विषय है हिट एंड रन केस का अवलोकन निरंतर किया जाएगा इसके साथ ही सड़क सुरक्षा समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आहूत की जाएगी।”

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