मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले की नव नियुक्त कलेक्टर श्रीमती अंजु पवन भदौरिया ने पदभार ग्रहण करने के बाद आज कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जन-मन, धरती आवा, मां की बगिया, सीएम हेल्पलाइन सहित कई विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे पात्र हितग्राहियों तक पहुँचना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से डिंडौरी जिले को प्रदेश में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करने की बात कही।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, कहीं-कहीं एक ही शिक्षक के भरोसे स्कूल संचालित हो रहा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए ठोस पहल की जाएगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए तथा सभी विभाग समयबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और अधिकारियों की संख्या कम होने के बावजूद संवेदनशील और पारदर्शी प्रशासन के जरिए डिंडौरी को विकास की दिशा में अग्रसर किया जाएगा।
बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी भारती मेरावी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर अक्षय डिगरसे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार जाटव सहित जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




