— लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने तीन माह के मानदेय भुगतान के लिए जारी किया आवंटन आदेश, प्रदेश के 52 जिलों के 325 से अधिक स्पेशल एजुकेटरों को मिलेगा लाभ
भोपाल । मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में समग्र शिक्षा सेकेंडरी के अंतर्गत कार्यरत अतिथि स्पेशल एजुकेटरों के मानदेय भुगतान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश, भोपाल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के 52 जिलों में कार्यरत अतिथि स्पेशल एजुकेटरों के तीन माह के मानदेय भुगतान हेतु कुल 1 करोड़ 36 लाख 50 हजार रुपये का बजट आवंटित किया है। इस संबंध में 6 नवंबर 2026 को बजट आवंटन आदेश जारी किया गया है।

— जारी आदेश के अनुसार
जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यरत अतिथि स्पेशल एजुकेटरों की संख्या के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारियों को बजट उपलब्ध कराया गया है। डिंडौरी जिले में कार्यरत 10 अतिथि स्पेशल एजुकेटरों के तीन माह के मानदेय के लिए 4 लाख 20 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं बालाघाट में 23 स्पेशल एजुकेटरों के लिए 9 लाख 66 हजार रुपये और बैतूल में 22 स्पेशल एजुकेटरों के लिए 9 लाख 24 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है।
इन जिलों को मिला सबसे अधिक बजट
बजट आवंटन की सूची में बालाघाट 9.66 लाख रुपये के साथ सबसे आगे है। इसके बाद बैतूल को 9.24 लाख, छिंदवाड़ा को 8.40 लाख, नरसिंहपुर और मंडला को 7.56-7.56 लाख तथा सिवनी को 6.72 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा सिंगरौली को 4.20 लाख, रीवा को 3.36 लाख और सतना को 4.62 लाख रुपये का बजट दिया गया है।
प्रति स्पेशल एजुकेटर 42 हजार रुपये का प्रावधान
आदेश में तीन माह के मानदेय के लिए प्रति अतिथि स्पेशल एजुकेटर 42 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसी आधार पर जिलों में कार्यरत एजुकेटरों की संख्या के अनुसार बजट का आवंटन किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारियों को संबंधित मानदेय भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
IFMIS पोर्टल से होगा भुगतान
लोक शिक्षण संचालनालय ने बजट आवंटन के साथ वित्तीय अनुशासन से जुड़ी शर्तें भी निर्धारित की हैं। आवंटित राशि का उपयोग केवल निर्धारित मद में ही किया जा सकेगा। बजट से अधिक व्यय और अपने स्तर पर राशि का पुनर्विनियोजन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही SNA PARSH-IFMIS पोर्टल के माध्यम से ही व्यय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद प्रदेश के 52 जिलों के अतिथि स्पेशल एजुकेटरों के तीन माह के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि बजट आवंटन के आदेश का अर्थ भुगतान हो जाना नहीं है, अब संबंधित जिलों में भुगतान की कार्रवाई की जानी है।



