पांच अंतिम चेतावनी पत्रों को भी किया नजरअंदाज, विभागीय जांच में लगातार अनुपस्थित रहने की हुई पुष्टि; परियोजना अधिकारी ने जारी किया आदेश
डिंडौरी। जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही और अनधिकृत अनुपस्थिति के मामलों पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। डिंडौरी परियोजना अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र नयेगांव, चिकान टोला में पदस्थ कार्यकर्ता भेदवती धुर्वे को लगातार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के चलते सेवा से पृथक कर दिया गया है। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी डिंडौरी द्वारा आदेश जारी किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वर्ष 2023 से लगातार अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित थीं। विभागीय स्तर पर कई बार उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। 22 सितंबर 2026 को सेक्टर पर्यवेक्षक एवं परियोजना अधिकारी द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान भी कार्यकर्ता अनुपस्थित मिलीं।

यह पहला मामला नहीं था, इससे पहले वर्ष 2022 और 2023 में किए गए निरीक्षणों में भी उनकी अनुपस्थिति सामने आई थी। ग्रामीणों ने भी लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायत करते हुए विभाग को आवेदन और पंचनामे सौंपे थे। इतना ही नहीं, इस मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
विभाग द्वारा संबंधित कार्यकर्ता को समय-समय पर कारण बताओ नोटिस के साथ कुल पांच अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए गए, लेकिन न तो उन्होंने कार्यस्थल पर उपस्थिति दर्ज कराई और न ही किसी नोटिस का जवाब दिया। सेक्टर पर्यवेक्षक और विभागीय जांच दल की रिपोर्ट में भी लगातार अनधिकृत अनुपस्थिति की पुष्टि हुई।
विभाग का मानना है कि कार्यकर्ता की लगातार अनुपस्थिति के कारण आंगनवाड़ी केंद्र की नियमित सेवाएं प्रभावित हो रही थीं और शासन की हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इसी को गंभीरता से लेते हुए मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल के 23 मई 2025 के पत्र में उल्लेखित प्रावधानों के तहत सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की गई है। जारी आदेश को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), डिंडौरी द्वारा अनुमोदित किया गया है।

