— फास्ट ट्रैक कोर्ट योजना को पांच साल का विस्तार, 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगी योजना; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र के फैसले का किया स्वागत
भोपाल। पीड़ित महिलाओं और बच्चों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। अब यह योजना 31 मार्च 2031 तक संचालित होगी। इसके साथ ही देशभर में कुल 850 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के संचालन और विस्तार का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लंबित मामलों की त्वरित सुनवाई में फास्ट ट्रैक कोर्ट बेहद महत्वपूर्ण न्यायिक व्यवस्था हैं। इन न्यायालयों के माध्यम से पीड़ित महिलाओं और बच्चों को जल्द न्याय दिलाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय मामलों की त्वरित सुनवाई की दिशा में निश्चित रूप से क्रांतिकारी साबित होगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार वर्तमान में देश में संचालित 779 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट का विस्तार किया जाएगा। इनमें 399 विशेष पॉक्सो न्यायालय भी शामिल हैं। योजना के तहत कुल 850 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट संचालित किए जाएंगे। दुष्कर्म और पॉक्सो से संबंधित लंबित मामलों की संख्या के आधार पर अतिरिक्त जिलों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
यह योजना देश के 29 भाग लेने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी। इसका प्रमुख उद्देश्य दुष्कर्म और बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा करना तथा पीड़ितों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना है। योजना की अवधि बढ़ाए जाने और न्यायालयों के नेटवर्क का विस्तार होने से लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद है।

