— नवजात शिशुओं की 42 दिन तक होने वाली गृहभेंट में भी मिली लापरवाही, जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
डिंडौरी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जांचने निकले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निरीक्षण में लापरवाही सामने आई है। कहीं उपस्वास्थ्य केंद्र बंद मिले तो कहीं नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए शासन द्वारा निर्धारित गृहभेंट की जिम्मेदारी का पालन नहीं किया जा रहा था। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने छह स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता दीवान ने 3 नवंबर 2026 को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान विकासखंड बजाग के उपस्वास्थ्य केंद्र हर्रा में ताला लटका मिला। केंद्र बंद पाए जाने पर सीएचएम कांति धुर्वे और एएनएम पुष्पा धुर्वे/दीपिका मरावी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसी तरह विकासखंड डिंडौरी के उपस्वास्थ्य केंद्र कूड़ा में भी स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन बंद पाया गया। यहां सीएचओ रोशनी सिंह और एएनएम नंदनी परस्ते से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
नवजात शिशुओं की देखभाल में भी लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग की जांच में उपस्वास्थ्य केंद्र घानाघाट में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। यहां नवजात शिशुओं के जन्म से लेकर 42 दिनों तक नियमित गृहभेंट यानी एचबीएनसी (होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर) से संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। इसमें एएनएम रचना बनाफर और सीएचओ आरती संग्राम द्वारा निर्धारित गृहभेंट नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई। इस पर दोनों कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जवाब संतोषजनक नहीं तो होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित सभी कर्मचारियों से नोटिस के माध्यम से जवाब मांगा है। विभाग के अनुसार उपस्वास्थ्य केंद्र हर्रा और कूड़ा के मामले में जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध अवैतनिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं घानाघाट में गृहभेंट में लापरवाही के मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं का नियमित संचालन, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना अनिवार्य है। कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

