भोपाल। मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस संगठन में बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सामने आई है। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में शामिल नहीं होने पर भारतीय युवा कांग्रेस के नेतृत्व ने मध्यप्रदेश के कई प्रदेश पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों को निलंबित कर दिया है। 3 नवंबर 2026 को जारी निलंबन आदेश के बाद प्रदेश युवक कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है।
— जारी पत्र के अनुसार
भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश प्रभारी शिवी सिंह चौहान की ओर से जारी आदेश में प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव और जिला अध्यक्षों सहित कुल 60 पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। आदेश के मुताबिक सभी संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित किया गया है।
निलंबित किए गए प्रदेश उपाध्यक्षों में शिवराज यादव, राजवीर सिंह कुड़िया, योगिता सिंह परिहार, प्रमोद सिंह खरे और नीरज पटेल शामिल हैं। वहीं प्रदेश महासचिवों में रोहित राजोरिया, अब्दुल करीम कुरैशी, विनय पांडे, राहुल हितेश ठाकुर, सुमन मौर्य, रिया पटेल, मोहम्मद अली, प्राची विजय पारधी, जितेंद्र इवने, सोमराज पारते, पायल जैन, अंकित यादव, रेणुका गांधी और शेख सलमान सहित अन्य पदाधिकारियों के नाम हैं।
इसके अलावा प्रदेश सचिवों और विभिन्न जिलों के जिला अध्यक्षों पर भी कार्रवाई की गई है। उपलब्ध आदेश में मैहर, आगर, नीमच, बुरहानपुर, अनूपपुर, गुना, बड़वानी, छतरपुर और भिंड के जिला अध्यक्षों के नाम भी दर्ज हैं।
आदेश में कार्रवाई का कारण दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में अनुपस्थिति बताया गया है। हालांकि, इतने बड़े स्तर पर हुई कार्रवाई के बाद संगठन के भीतर अनुशासन, पदाधिकारियों की जवाबदेही और आगामी संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अब देखना होगा कि निलंबित पदाधिकारी इस कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और संगठन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल इस फैसले ने मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।


