मनरेगा के ग्राम रोजगार सहायकों को सितंबर 2026 के मानदेय भुगतान के लिए पंचायत राज संचालनालय ने जारी किया बजट आवंटन, अक्टूबर से नवंबर तक के भुगतान की व्यवस्था; आवंटित राशि खर्च करने के लिए जारी किए सख्त निर्देश
भोपाल। मध्यप्रदेश में मनरेगा के तहत कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों के मानदेय भुगतान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पंचायत राज संचालनालय मध्यप्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्राम रोजगार सहायकों के मानदेय भुगतान हेतु 106 करोड़ 20 हजार रुपये का बजट आवंटित किया है। यह राशि सितंबर 2026 के मानदेय के भुगतान के लिए जारी की गई है, जिसका भुगतान अक्टूबर 2026 से नवंबर 2026 के बीच किया जाना है। संचालनालय ने इस संबंध में प्रदेश के समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
पंचायत राज संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार वित्त विभाग से प्राप्त पुनर्विनियोजन आवंटन के तहत प्रदेश के जनपद पंचायतों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को राशि आवंटित की गई है। इसके अंतर्गत ग्राम रोजगार सहायकों के मानदेय भुगतान के लिए कुल 106 करोड़ 20 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। आदेश में प्रति ग्राम रोजगार सहायक 18 हजार रुपये प्रतिमाह के मान से राशि जारी किए जाने का उल्लेख है।
सिर्फ सितंबर के मानदेय का होगा भुगतान, पुराने बकाये पर रोक
संचालनालय ने बजट आवंटन के साथ भुगतान को लेकर स्पष्ट शर्तें भी निर्धारित की हैं। निर्देशों के अनुसार प्रथम त्रैमास के लिए आवंटित राशि से केवल वित्तीय वर्ष 2026-27 के सितंबर 2026 के मानदेय का ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इस राशि से ग्राम रोजगार सहायकों के पूर्व लंबित मानदेय अथवा पिछले वित्तीय वर्ष में व्यय की गई राशि के विरुद्ध भुगतान नहीं किया जा सकेगा।
इसका मतलब यह है कि जिन ग्राम रोजगार सहायकों का पुराने महीनों का मानदेय अथवा एरियर लंबित है, उन्हें इस आवंटन से उसका भुगतान नहीं मिलेगा। जारी बजट का उपयोग निर्धारित अवधि के मानदेय भुगतान के लिए ही करना होगा।
बजट खर्च करने में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
पंचायत राज संचालनालय ने जनपद पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन के वित्तीय नियमों और समय-समय पर जारी आदेशों का कड़ाई से पालन करते हुए राशि खर्च की जाए। आवंटित बजट का उपयोग केवल कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों के मानदेय भुगतान के लिए किया जा सकेगा। किसी अन्य मद में राशि खर्च करने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा आवंटित राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से संचालनालय को भेजना होगा। यदि किसी जनपद पंचायत को आवश्यकता से अधिक बजट प्राप्त होता है तो अतिरिक्त राशि निर्धारित प्रक्रिया के तहत समर्पित करनी होगी। आवंटन लैप्स होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
15.48 करोड़ के बाद अब 106 करोड़ का आवंटन, भुगतान पर टिकी नजरें
गौरतलब है कि इससे पहले मनरेगा के प्रशासनिक मद से ग्राम रोजगार सहायकों और अन्य कर्मचारियों के लंबित पारिश्रमिक तथा एरियर भुगतान के लिए 15 करोड़ 48 लाख 44 हजार रुपये के आवंटन की स्वीकृति जारी होने का मामला सामने आया था। हालांकि मनरेगा पोर्टल पर आवंटन प्रदर्शित नहीं होने के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होने की बात सामने आई थी।
अब पंचायत राज संचालनालय द्वारा ग्राम रोजगार सहायकों के सितंबर माह के मानदेय के लिए अलग से 106 करोड़ 20 हजार रुपये का बजट आवंटित किए जाने से भुगतान की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि इस नए आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि यह राशि केवल सितंबर 2026 के मानदेय के लिए है, पुराने बकाया और एरियर के भुगतान के लिए नहीं। ऐसे में अब प्रदेशभर के ग्राम रोजगार सहायकों की नजरें जनपद पंचायत स्तर पर बजट की उपलब्धता और वास्तविक भुगतान प्रक्रिया पर टिकी हैं।

