डिंडौरी। जिले में शासकीय स्कूलों की व्यवस्था सुधारने और शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में शासकीय प्राथमिक शाला चौरामाल में निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर प्राथमिक शिक्षक कमल सिंह मरावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में दर्ज 35 विद्यार्थियों में से महज 20 विद्यार्थी ही उपस्थित मिले। वहीं शासन की ओर से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी नहीं किया गया था। इससे विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं के संचालन में लापरवाही उजागर हुई।
निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने अधिकारियों को बताया कि विद्यालय में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक कमल सिंह मरावी नियमित रूप से स्कूल नहीं आते हैं। विद्यार्थियों ने शिक्षक के शराब के नशे में विद्यालय पहुंचने की बात भी बताई। जांच के दौरान संबंधित शिक्षक स्वयं विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। एक ओर बच्चों को पढ़ाई के लिए शिक्षक का इंतजार करना पड़ रहा था, वहीं दूसरी ओर शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई पाठ्यपुस्तकें भी विद्यार्थियों तक नहीं पहुंची थीं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के आदेश पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत शिक्षक कमल सिंह मरावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा कार्यालय डिंडौरी निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि शासकीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य के प्रति लापरवाही और विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।

