— हाथी के विचरण से मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका, वन विभाग ने जनपद पंचायत CEO को पत्र लिखकर गांव-गांव मुनादी और जागरूकता अभियान चलाने मांगा सहयोग
डिंडौरी। जिले के अमरपुर एवं मेहंदवानी वन परिक्षेत्र की सीमा से लगे वन क्षेत्रों में एक जंगली हाथी के विचरण की सूचना मिलने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। हाथी की गतिविधियों को देखते हुए आसपास के गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका जताई गई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी अमरपुर सामान्य द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को जनपद पंचायत अमरपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र जारी कर जन-जागरूकता अभियान में सहयोग मांगा गया है। पत्र में कहा गया है कि हाथी के विचरण के परिणामस्वरूप जनहानि, जनघायल, पशुहानि अथवा पशुघायल जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए समय रहते आमजन को जागरूक और सतर्क करना बेहद जरूरी है।
वन विभाग ने जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों और आबादी क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों एवं संबंधित मैदानी अमले के माध्यम से मुनादी और सूचना प्रसारित कराने का अनुरोध किया है। मुनादी के जरिए ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि हाथी के विचरण से उत्पन्न संभावित खतरे की स्थिति सामान्य होने और वन विभाग की अगली सूचना जारी होने तक किसी भी उद्देश्य से जंगल में प्रवेश न करें।
विशेष रूप से लकड़ी, चारा और अन्य वनोपज एकत्र करने के लिए जंगल जाने तथा मवेशियों को चराने के लिए वन क्षेत्र में ले जाने से परहेज करने की अपील की गई है। वन विभाग ने यह भी कहा है कि ग्रामीण किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
गांव-गांव पहुंचाए जाएंगे जागरूकता पंपलेट
वन परिक्षेत्र अधिकारी ने पत्र के साथ जन-जागरूकता पंपलेट भी संलग्न किया है। इसे जनपद पंचायत के सभी गांवों और आबादी क्षेत्रों में व्यापक रूप से वितरित कराने के साथ ग्राम पंचायत भवनों एवं अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कराने का आग्रह किया गया है, ताकि हाथी के विचरण की जानकारी अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंच सके।
पत्र में इस विषय को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए कहा गया है कि एक ओर आमजन के बहुमूल्य जीवन और संपत्ति की सुरक्षा जरूरी है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक व्यवहार का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है। वन विभाग द्वारा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक निगरानी और एहतियाती कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग ने विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय और समयबद्ध प्रयासों पर जोर देते हुए जनपद पंचायत से जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार अभियान में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की है, ताकि संभावित अप्रिय घटना को रोका जा सके और ग्रामीणों के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
