— सोशल मीडिया पर प्रसारित बयान को माना कदाचरण और शासकीय सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन, पन्ना जल संसाधन संभाग में पदस्थ सीबी अहिरवार पर गिरी निलंबन की गाज
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सीबी अहिरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पत्रकार/मीडिया कर्मी को दिए गए उनके वक्तव्य को शासकीय सेवा आचरण के प्रतिकूल और अशोभनीय मानते हुए राज्य शासन ने यह कार्रवाई की है। निलंबन आदेश 30 अक्टूबर 2026 को मंत्रालय, वल्लभ भवन भोपाल से जारी किया गया है।
जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सीबी अहिरवार जल संसाधन संभाग पन्ना में कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ थे। बताया गया है कि उन्होंने 28 अक्टूबर 2026 को एक पत्रकार/मीडिया कर्मी को वक्तव्य दिया था, जो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। शासन ने इस वक्तव्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1) के उपनियम (एक) एवं (तीन) का उल्लंघन माना है।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि शासकीय सेवक से पूर्ण निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करने की अपेक्षा की जाती है, जो शासकीय सेवा के लिए अशोभनीय हो। संबंधित अधिकारी का वक्तव्य इन प्रावधानों के विपरीत पाए जाने पर इसे कदाचरण और अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया है।
राज्य शासन ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि के दौरान सीबी अहिरवार का मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग भोपाल निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार जल संसाधन विभाग के अपर सचिव रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा जारी किया गया है।

