कोदो-कुटकी और धान उपार्जन से जनजातीय किसानों को मिलेगा लाभ, शहपुरा में 30 गौपालकों की समिति प्रतिदिन जुटा रही 810 लीटर दूध….
डिंडौरी ।जिले में शुक्रवार को आयोजित बलराम कृषि महोत्सव 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए जिले में कृषि, दुग्ध उत्पादन और विकास कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डिंडौरी को अपना प्रिय जिला बताते हुए कहा कि जनजातीय अंचल में कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और विकास के नए अवसर सृजित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने जिले को आयुर्वेदिक कॉलेज सहित विभिन्न विकास कार्यों की सौगात मिलने का उल्लेख करते हुए विकास गतिविधियों को गति देने की बात कही।
कोदो-कुटकी और धान उपार्जन से किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रही है। कोदो-कुटकी के साथ धान उपार्जन की पहल स्थानीय और जनजातीय किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। भावांतर योजना और प्रोत्साहन राशि के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया से जिले में कृषि एवं गौपालन को बढ़ावा देने के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि डिंडौरी जिले में सात विकासखंड हैं और सभी क्षेत्रों में गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए दो वृंदावन ग्रामों का चयन किया गया है। ग्राम घुसिया में 29 अक्टूबर को गौपालक प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित कर पशुपालकों को प्रोत्साहित किया गया। इन गांवों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के समन्वय से आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
शहपुरा में प्रतिदिन 810 लीटर दूध का संग्रहण
जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शहपुरा विकासखंड में 30 गौपालकों की पंजीकृत समिति गठित की गई है। इस समिति के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 810 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। डिंडौरी में भी एक समिति पंजीकृत की गई है। दोनों समितियों के माध्यम से दुग्ध संग्रहण को मजबूत करने और मिल्क रूट विकसित करने की पहल की जा रही है।
गौपालकों को पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। प्रशासन का प्रयास है कि गौपालन ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका और आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम बने।
कोदो-कुटकी पंजीयन में डिंडौरी का उल्लेखनीय प्रदर्शन
कलेक्टर ने बताया कि कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के पंजीयन में डिंडौरी जिले ने प्रदेश के नौ चिन्हित जिलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिले में सबसे अधिक किसानों का पंजीयन दर्ज किया गया है। इससे पारंपरिक फसलों की खेती करने वाले जनजातीय एवं स्थानीय किसानों को अपनी उपज के विपणन और उचित मूल्य प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
उन्होंने बताया कि कृषि विविधीकरण, दुग्ध उत्पादन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
किसान कल्याण वर्ष के तहत हो रहे आयोजन
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी सहभागिता की और मुख्यमंत्री के वर्चुअल संवाद में शामिल हुए। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव भी कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
महेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत भगवान बलराम के नाम पर प्रदेशभर में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। यह इस श्रृंखला का 49वां कार्यक्रम है। इन आयोजनों के माध्यम से किसानों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं, सुझावों और कृषि संबंधी आवश्यकताओं पर सीधा संवाद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग ढाई लाख किसानों से संवाद किया जा चुका है।
उन्होंने सहकारिता के माध्यम से किसानों को मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 2,000 रुपये की किस्त किसानों के खातों में अंतरित किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिल रहे अधिकार
महेन्द्र सिंह यादव ने स्वामित्व योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके मकानों के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज और रजिस्ट्री उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति पर कानूनी अधिकार प्राप्त करने में मदद मिलती है। ऐसे दस्तावेज भविष्य में बैंक से ऋण लेने और अन्य वित्तीय आवश्यकताओं में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
धन-धान्य योजना में डिंडौरी के प्रथम स्थान का उल्लेख
विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि धन-धान्य योजना के तहत डिंडौरी जिले ने प्रथम स्थान हासिल किया है। जिले में कोदो-कुटकी की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को सिंचाई सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है, जिससे किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को सम्मान निधि, लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता और पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रही है।
हितग्राहियों को वितरित किए लाभ
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। आयोजन के माध्यम से कृषि विकास, पशुपालन, सहकारिता और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते, नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस, नगर परिषद उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार, भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, प्रभारी पुलिस अधीक्षक सुनील तिवारी, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष आशा सिंह, करंजिया जनपद अध्यक्ष राजू उद्दे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
