Mp Census 2027: मध्यप्रदेश में जनगणना की तैयारी तेज, जनवरी से मार्च तक तबादलों पर भी रहेगी रोक….

Rathore Ramshay Mardan
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मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने दिए निर्देश, डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना, नागरिक खुद दर्ज कर सकेंगे अपनी जानकारी; कॉलेज विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने पर जोर

भोपाल। मध्यप्रदेश में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को जनगणना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए आपसी समन्वय और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। इस बार देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना की जाएगी। इसके तहत मोबाइल ऐप से आंकड़े जुटाए जाएंगे, जबकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी वेब पोर्टल के माध्यम से होगी। नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। बैठक में जनगणना महानिदेशक संजीव श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

डिजिटल जनगणना में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना-2027 के दौरान अधिक से अधिक नागरिकों को स्व-गणना के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकें। इसके लिए सरकारी कर्मचारियों को iGOT प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण देने, महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को स्व-गणना प्रपत्र भरने के लिए प्रशिक्षित करने और डिजिटल व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जागरूकता वीडियो प्रसारित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने इस अभियान में निजी क्षेत्र और सार्वजनिक उपक्रमों को भी शामिल करने की आवश्यकता बताई। जनगणना के विभिन्न चरणों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए रैलियों, झांकियों, लोक कलाकारों, कलापथक दलों, सिनेमा हॉल, रेडियो, टेलीविजन और सोशल मीडिया का उपयोग करने पर जोर दिया गया।

दो लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की होगी तैनाती

जनगणना जैसे व्यापक कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए लगभग दो लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के साथ अन्य आवश्यक प्रशासनिक अमले की व्यवस्था शासकीय विभागों के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने 12 और 13 नवंबर को जिलों से आने वाले मास्टर ट्रेनर्स को गंभीरता से प्रशिक्षण देने तथा नवंबर के तीसरे सप्ताह में कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण एवं सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

जनवरी-फरवरी 2027 में होगी जनसंख्या की गणना

बैठक में जनगणना-2027 की रूपरेखा, प्रारंभिक तैयारियों, डिजिटल रोडमैप और संगठनात्मक व्यवस्था की जानकारी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि जुलाई 2026 में सिवनी जिले की कुरई तहसील के चयनित गांवों और ग्वालियर नगर निगम के कुछ चयनित वार्डों में पूर्व परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।

मध्यप्रदेश में जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या की गणना का कार्य जनवरी-फरवरी 2027 में किया जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग को वर्ष 2027 की परीक्षाओं का कार्यक्रम निर्धारित करते समय जनगणना की समय-सारणी का ध्यान रखने के निर्देश दिए।

जनवरी से मार्च तक तबादले नहीं करने की सलाह

जनगणना कार्य में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को मानव संसाधन की उपलब्धता की योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना का कार्य पूरा होने तक प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव नहीं किए जाएं। साथ ही जनवरी से मार्च 2027 के दौरान यथासंभव अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण नहीं करने को कहा गया।

सभी विभागों में नामित होंगे नोडल अधिकारी

मुख्य सचिव ने जनगणना-2027 के कार्यों में समन्वय के लिए सभी संबंधित विभागों को अपने यहां एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। जनसंपर्क विभाग को भी आम नागरिकों में जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया। सरकार का जोर इस बार डिजिटल तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से जनगणना की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने पर है।

 

 

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