— मोटरसाइकिल की सीट में छिपाकर ले जा रहा था 5 किलो 647 ग्राम गांजा, प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने सुनाई सजा
डिंडौरी। जिले में अवैध मादक पदार्थ गांजा रखने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मीडिया सेल प्रभारी एवं अभियोजन अधिकारी दिलावर धुर्वे ने बताया कि थाना करंजिया में दर्ज अपराध क्रमांक 157/2020 और सत्र प्रकरण क्रमांक 10/2021 में आरोपी नंदकुमार पटेल (28 वर्ष), निवासी ग्राम धनेरा, थाना जबेरा, जिला दमोह को दोषी ठहराया गया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, जिला डिंडौरी ने आरोपी को मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 8(सी) सहपठित धारा 20(बी)(ii)(बी) के तहत दंडित किया।
मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया था आरोपी
अभियोजन के अनुसार, 11 अगस्त 2020 को थाना करंजिया पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पोड़की की ओर से रूसा तरफ जा रहा एक व्यक्ति काले रंग की मोटरसाइकिल पर अवैध गांजा लेकर जा रहा है। आरोपी ने गांजे को मोटरसाइकिल की सीट में छिपाकर नीले रंग के गलीचे से ढक रखा था, ताकि किसी को संदेह न हो।
सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस ने मोटरसाइकिल की जांच की। सीट पर बिछे नीले रंग के गलीचे को हटाने पर पीले रंग की प्लास्टिक की बोरी में गांजा रखा मिला। पंचों की मौजूदगी में मादक पदार्थ की पहचान और तौल की कार्रवाई की गई। तौल के दौरान बोरी सहित गांजे का कुल वजन 5 किलो 647 ग्राम पाया गया।
विवेचना के बाद न्यायालय में पेश किया चालान
पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की। जांच के दौरान एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, जिला डिंडौरी ने आरोपी को दोषी मानते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
