4000 से 5000 रुपये मासिक पेंशन के भुगतान में देरी से आर्थिक परेशानी, शासकीय शिक्षक संगठन ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की उठाई मांग
डिंडौरी। जिले के करंजिया विकासखंड में एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) के तहत पेंशन राशि के भुगतान में देरी का मामला सामने आया है। शिक्षाकर्मी, संविदा गुरुजी से नवीन शिक्षक बने शिक्षकों सहित सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन राशि का भुगतान नहीं होने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर शासकीय शिक्षक संगठन, जिला डिंडौरी ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर लंबित पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कराने की मांग की है।
साल बीतने के बाद भी नहीं मिला पेंशन का भुगतान
शिक्षक संगठन के अनुसार, शिक्षाकर्मी और संविदा गुरुजी के रूप में सेवाएं देने के बाद नवीन शिक्षक बने पात्र शिक्षकों को एनपीएस के तहत पेंशन राशि का भुगतान किया जाना है। लेकिन करंजिया विकासखंड में कई प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं। संगठन का कहना है कि साल बीतने के बाद भी संबंधित शिक्षकों को उनकी पेंशन राशि नहीं मिल पाई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने करंजिया विकासखंड के पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी चिंता राम कुशराम और सुरेन्द्र मरावी सहित जिले के अन्य सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित पेंशन प्रकरणों का भी उल्लेख किया है। इन प्रकरणों में भुगतान की स्थिति स्पष्ट कराते हुए पात्र शिक्षकों को उनकी देय राशि दिलाने की मांग की गई है।
4000 से 5000 रुपये मासिक पेंशन के भुगतान में देरी
शिक्षक संगठन के मुताबिक, संबंधित पात्र शिक्षकों को प्रतिमाह लगभग 4000 से 5000 रुपये पेंशन राशि के रूप में मिलना है। हालांकि, भुगतान लंबित होने के कारण उन्हें इस राशि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन नियमित आय का महत्वपूर्ण साधन होती है। ऐसे में भुगतान में लंबे समय तक देरी होने से शिक्षकों के सामने आर्थिक समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
कलेक्टर से लंबित प्रकरणों की समीक्षा कराने की मांग
शासकीय शिक्षक संगठन ने कलेक्टर से मांग की है कि करंजिया विकासखंड सहित जिले के अन्य लंबित एनपीएस पेंशन प्रकरणों की समीक्षा कराई जाए। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भुगतान में देरी के कारणों की जानकारी लेकर आवश्यक दस्तावेजी और विभागीय प्रक्रियाएं पूरी कराई जाएं, ताकि पात्र शिक्षकों को उनकी पेंशन राशि जल्द मिल सके।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देगा। अब देखना होगा कि लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण और पात्र सेवानिवृत्त शिक्षकों को भुगतान दिलाने के लिए प्रशासन कब तक कदम उठाता है।
