Politics News : भंडारे से यज्ञ तक पहुंचा मामला, डिंडौरी में आखिर किस बात पर आमने-सामने आए कांग्रेस-भाजपा? जानिए सद्बुद्धि यज्ञ के पीछे की पूरी कहानी…

Rathore Ramshay Mardan
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— विजयादशमी पर भंडारे की अनुमति नहीं देने का कांग्रेस ने लगाया आरोप, चमरू सिंह नेताम बोले—कोई व्यापारी अनुमति मांगने आया ही नहीं

डिंडौरी। विजयादशमी पर्व पर भाजपा कार्यालय के सामने भंडारा आयोजित नहीं होने का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए नर्मदा तट स्थित शंकर घाट पर सद्बुद्धि यज्ञ किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि व्यापारियों को भंडारा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी उनसे अनुमति मांगने नहीं आया था। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद यह मामला डिंडौरी की स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

दरअसल कांग्रेस नेताओं के अनुसार, विजयादशमी पर भाजपा कार्यालय के सामने प्रतिवर्ष भंडारे का आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष भी व्यापारियों की ओर से भंडारा आयोजित करने की योजना थी, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा जिलाध्यक्ष और उनके कार्यकर्ताओं ने इसके आयोजन की अनुमति नहीं दी। इसी बात को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और विरोध स्वरूप नर्मदा तट स्थित शंकर घाट पर सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया। यज्ञ के माध्यम से संबंधित लोगों को सद्बुद्धि देने तथा समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने की प्रार्थना की गई।

कांग्रेस नेता शिवराज ठाकुर ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विजयादशमी के अवसर पर हर साल भाजपा कार्यालय के सामने भंडारा आयोजित होता था, लेकिन इस बार व्यापारियों को आयोजन की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने इस घटनाक्रम को लेकर चमरू सिंह नेताम की कार्यशैली पर सवाल उठाए और उन्हें हिंदू विरोधी बताया। कांग्रेस ने धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में इस तरह की स्थिति पैदा होने पर आपत्ति जताई।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी उनसे भंडारा आयोजित करने की अनुमति मांगने नहीं आया था। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि उसके पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

इस घटनाक्रम ने विजयादशमी जैसे धार्मिक पर्व पर आयोजित होने वाले भंडारे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। एक ओर कांग्रेस ने सद्बुद्धि यज्ञ के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया, वहीं दूसरी ओर भाजपा जिलाध्यक्ष ने पूरे मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है।

शंकर घाट पर आयोजित सद्बुद्धि यज्ञ में संतोषी साहू, रामजी साहू, राधेलाल नागवंशी सहित कांग्रेस के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। फिलहाल, भंडारे को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। मामले में व्यापारियों का पक्ष और अनुमति को लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी।

 


 

 

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