Big Breaking : स्वामित्व योजना में सुस्ती पर कलेक्टर सख्त, शून्य प्रगति वाले पटवारियों पर लटकी निलंबन की तलवार….

Rathore Ramshay Mardan
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— डिंडौरी, बजाग और शाहपुरा तहसीलों में पटवारीवार कार्यों की समीक्षा, समय-सीमा में सुधार नहीं होने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी।

डिंडौरी। स्वामित्व योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को संपत्ति के स्वामित्व संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराने के कार्य में धीमी प्रगति और लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने योजना की समीक्षा के दौरान डिंडौरी, बजाग और शाहपुरा तहसीलों में पटवारीवार प्रगति का जायजा लिया। समीक्षा में शून्य अथवा अपेक्षाकृत कम निष्पादन वाले पटवारियों पर नाराजगी जताते हुए लंबित कार्यों में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वामित्व योजना शासन की प्राथमिकता वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसके अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के अधिकार संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराने के साथ पंजीयन एवं निष्पादन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। ऐसे में कार्यों में अनावश्यक देरी और लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

तीन तहसीलों में पटवारीवार प्रगति की समीक्षा

समीक्षा के दौरान बजाग तहसील में आकाश कुमार पटेल, देवेंद्र सिंह गोंड, डिंपल मरावी और बबीता सहित संबंधित पटवारियों के कार्यों की समीक्षा की गई। वहीं डिंडौरी तहसील में अविनाश, दीपक प्रजापति, पुष्पराज मरावी और नीलमणि मरावी सहित संबंधित पटवारियों की प्रगति का आकलन किया गया।

शाहपुरा तहसील में अभिनय राजपूत, अजय सोहनिया, अक्षय कुमार बैगा और अमित कुमार महरा सहित संबंधित पटवारियों के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया। उपलब्ध प्रगति विवरण में जिन पटवारियों का निष्पादन शून्य अथवा कम पाया गया है, उन्हें लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए गए हैं।

रजिस्ट्री से अंतिम निष्पादन तक समय-सीमा तय

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रत्येक पटवारी अपने क्षेत्र में दर्ज स्वामित्व प्लॉट और संबंधित हितग्राहियों की स्थिति का परीक्षण करे। लंबित प्रकरणों में रजिस्ट्री, पटवारी सत्यापन, प्रकरण प्रस्तुत करने और अंतिम निष्पादन की प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी की जाए।

प्रशासन ने साफ किया है कि अब केवल कार्य शुरू करने या प्रक्रिया प्रचलित होने की जानकारी देना पर्याप्त नहीं होगा। संबंधित कर्मचारियों को वास्तविक प्रगति के साथ परिणाम भी प्रस्तुत करने होंगे। आगामी समीक्षा में पटवारीवार कार्यों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

प्रगति नहीं सुधरी तो निलंबन सहित कार्रवाई का प्रस्ताव

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर संबंधित पटवारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। कम प्रगति वाले कर्मचारियों से कारण सहित प्रतिवेदन प्राप्त किया जाएगा। इसके बाद लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार निलंबन सहित कठोर विभागीय कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वामित्व योजना के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। पटवारी सत्यापन से लेकर अंतिम निष्पादन तक प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी की जाएगी।

स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के स्वामित्व संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराना और अधिकार अभिलेख के आधार पर पंजीयन एवं निष्पादन की प्रक्रिया को सुचारु बनाना है। अब इस योजना में धीमी प्रगति करने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन की नजर रहेगी। आगामी समीक्षा में कार्यों में सुधार नहीं मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

 

 

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