Breaking News : धान-गेहूं उपार्जन में फर्जीवाड़े के आरोपी वेयरहाउस संचालक पर कार्रवाई, 4 माह के लिए जिला बदर, जानिए क्या है पूरा मामला…

Rathore Ramshay Mardan
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— 20 हजार क्विंटल धान की कमी से लेकर 1.39 करोड़ रुपये की धान की अफरा-तफरी तक के मामले दर्ज, आगामी उपार्जन सत्र से पहले प्रशासन का कदम

मध्यप्रदेश के जबलपुर में समर्थन मूल्य पर धान और गेहूं उपार्जन में अनियमितता, किसानों से धोखाधड़ी और खाद्यान्न में मिलावट के आरोपों का सामना कर रहे वेयरहाउस संचालक नीतेश पटेल के विरुद्ध जिला प्रशासन ने जिला बदर की कार्रवाई की है। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उसे चार माह के लिए जबलपुर सहित आठ जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश जारी किया है।

पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर की गई इस कार्रवाई में मझौली थाना क्षेत्र के ग्राम खबरा निवासी नीतेश पटेल (30), पिता रेवाराम पटेल, के विरुद्ध वर्ष 2024 से 2025 के बीच दर्ज तीन गंभीर अपराधों का उल्लेख किया गया है। ये मामले समर्थन मूल्य पर उपार्जन व्यवस्था में कथित गड़बड़ी, धान की कमी और गेहूं में मिलावट से संबंधित हैं।

20 हजार क्विंटल धान की कमी का मामला

आदेश के अनुसार, बटरंगी स्थित योगमाया वेयरहाउस के भौतिक सत्यापन के दौरान दर्ज भंडारित मात्रा की तुलना में करीब 20 हजार क्विंटल धान कम पाई गई थी। इस मामले में सिहोरा थाने में अपराध दर्ज किया गया था। वहीं, माँ रेवा वेयरहाउस के संचालन के दौरान समिति प्रबंधकों और अन्य लोगों के साथ मिलकर 6,068.59 क्विंटल धान की कथित अफरा-तफरी का मामला मझौली थाने में दर्ज हुआ था। संबंधित धान का मूल्य लगभग 1.39 करोड़ रुपये बताया गया है।

इसके अलावा, मझौली थाने में गेहूं में मिट्टी और कंकड़ मिलाकर उपार्जन में खपाने के उद्देश्य से गैर-मानक खाद्यान्न तैयार करने के आरोप में भी अपराध दर्ज होने का उल्लेख आदेश में किया गया है।

किसानों के प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था का भी उल्लेख

जिला बदर आदेश में कहा गया है कि धान और गेहूं उपार्जन में कथित गड़बड़ियों के कारण किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहा था। इसके विरोध में मझौली सहित अन्य क्षेत्रों में किसानों ने धरना-प्रदर्शन और ट्रैक्टर रैलियां निकाली थीं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ था।

प्रशासन ने आगामी उपार्जन सत्र को ध्यान में रखते हुए आशंका जताई है कि संबंधित व्यक्ति की जिले में मौजूदगी से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और उपार्जन प्रक्रिया में दोबारा गड़बड़ी की स्थिति बन सकती है।

48 घंटे में आठ जिलों की सीमा छोड़ने के निर्देश

जारी आदेश के मुताबिक, नीतेश पटेल को 48 घंटे के भीतर जबलपुर के साथ मंडला, डिंडौरी, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, दमोह और उमरिया जिलों की सीमाओं से बाहर जाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के तहत सक्षम न्यायालय या अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वह चार माह तक इन जिलों की सीमाओं में प्रवेश नहीं कर सकेगा और न ही वहां निवास कर सकेगा।

धान की भारी कमी, करोड़ों रुपये मूल्य की कथित अफरा-तफरी और खाद्यान्न में मिलावट से जुड़े मामलों के बीच प्रशासन की इस कार्रवाई को आगामी समर्थन मूल्य उपार्जन व्यवस्था में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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