चंडीगढ़/हरियाणा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), चंडीगढ़ आंचलिक कार्यालय-II ने हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ नगर निगम तथा अन्य सरकारी खातों से संबंधित करीब ₹645 करोड़ की सार्वजनिक धनराशि के कथित गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 2 अक्टूबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर स्थित 14 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया।
ईडी के अनुसार यह जांच फरवरी 2026 में हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामले में विकास एवं पंचायत विभाग, हरियाणा के एक अधिकारी के पावर ऑफ अटॉर्नी से संबंधित मामला सामने आया था। संबंधित राशि के लेन-देन के लिए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एक्सिस स्मॉल फाइनेंस बैंक के खातों का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई।
तलाशी के दौरान कई ज्वेलरी प्रतिष्ठानों और उनसे जुड़ी संस्थाओं से संबंधित दस्तावेज एवं अन्य सामग्री की जांच की गई। इनमें एम.पी. गोल्ड ट्रेडर्स, श्याम ज्वेलर्स एंड सुंदर ज्वेलर्स समेत अन्य संस्थाओं से जुड़े परिसर शामिल रहे। ईडी ने गोरेवाला के परिसर में भी तलाशी ली, जहां कथित अपराध से प्राप्त राशि को विभिन्न माध्यमों से आगे भेजने और उसकी हेराफेरी किए जाने की जानकारी सामने आई।
जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर सरकारी धनराशि को विभिन्न ज्वेलर्स के बैंक खातों के माध्यम से भेजा गया और उसकी लेयरिंग की गई। इसके बाद आरोपी व्यक्तियों की मिल्कियत एवं आभूषणों के रूप में उक्त राशि को बदलने की बात सामने आई। ईडी के मुताबिक आरोपियों ने कथित अपराध से प्राप्त धन को ज्वेलरी के रूप में बदलकर उसका इस्तेमाल किया।
जांच एजेंसी के अनुसार मलिक ज्वेलर्स, केएलपी ज्वेलर्स, केएलपी एक्स्ट्रा और केएलपी एंड कंपनी, एम.पी. गोल्ड ट्रेडर्स, मेसर्स शाम ज्वेलर्स तथा मेसर्स सुंदर ज्वेलर्स के बैंक खातों में क्रमशः करीब ₹58 करोड़, ₹26 करोड़, ₹5 करोड़, ₹3.66 करोड़ और ₹3.15 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन पाया गया। ईडी ने इसे कथित अपराध से प्राप्त राशि की लेयरिंग के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में चिह्नित किया है।
ईडी की जांच में यह भी पता चला कि ज्वेलर्स ने हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और चंडीगढ़ क्षेत्र के प्रशासन के बैंक खातों से कथित तौर पर आपराधिक गतिविधि से अर्जित धन प्राप्त किया। इसके बाद उक्त राशि का इस्तेमाल आभूषणों की खरीद में किया गया। जांच के दौरान विभिन्न अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों तक पहुंची रकम से संबंधित साक्ष्य भी सामने आने की बात ईडी ने कही है।
तलाशी कार्रवाई के दौरान ₹4.30 करोड़ से अधिक की नकदी मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा विभिन्न अपराध-संबंधी दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। ईडी के मुताबिक तलाशी के दौरान करीब ₹22 करोड़ मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों की भी पहचान की गई, जिन्हें फ्रीज किया गया है।
ईडी ने बताया कि मामले में अब तक की जांच के आधार पर लगभग ₹211 करोड़ मूल्य की चल और अचल परिसंपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की जा चुकी है। मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए), पंचकूला के समक्ष अभियोजन शिकायत भी दाखिल की गई है। ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
