— जांच प्रतिवेदन में पंचायत निधि के उपयोग, नल-जल योजना और निर्माण कार्यों से जुड़े भुगतान पर उठे सवाल
डिंडौरी। इन दिनों समनापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायतों में किए गए विकास कार्यों और पंचायत निधि के उपयोग से जुड़े मामलों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। शिकायतों के बाद कराई जा रही जांच में कहीं निर्माण कार्यों के भुगतान तो कहीं पंचायत निधि के इस्तेमाल और राशि के हिसाब-किताब को लेकर सवाल सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत कुकर्रामठ का मामला सामने आया है, जहां जांच प्रतिवेदन में सरपंच और सचिव से कुल ₹5 लाख 63 हजार 250 की वसूली प्रस्तावित की गई है।
ये रहा पूरा मामला
दरअसल यह पूरा मामला ग्राम पंचायत कुकर्रामठ में राशि गबन किए जाने संबंधी शिकायत से जुड़ा है। दस्तावेज के अनुसार कुकर्रामठ निवासी ओंकार सिंह द्वारा जनसुनवाई में शिकायत प्रस्तुत की गई थी,और में प्रकाशित खबर के आधार पर भी पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराई गई।
जांच टीम ने पंचायत के विभिन्न कार्यों, भुगतान और उपलब्ध अभिलेखों की पड़ताल की। प्रतिवेदन में बताया गया है कि नल-जल योजना एवं निर्माण कार्यों में पंचायत निधि से राशि खर्च की गई, वहीं बाजार नीलामी से प्राप्त कुछ राशि पंचायत के खाते में जमा नहीं किए जाने की बात भी सामने आई।
अलग-अलग कार्यों और भुगतानों की जांच
जांच रिपोर्ट में वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक के विभिन्न भुगतान और पंचायत खाते में जमा राशि का परीक्षण किया गया है। इसमें पंचायत निधि से निकाली गई रकम, निर्माण कार्यों से जुड़े भुगतान और संबंधित व्यक्तियों के खातों में गई राशि का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट में एक मामले में सरपंच के खाते में पंचायत कार्य से संबंधित राशि जाने का भी उल्लेख है। जांच में नाडेप निर्माण, नल-जल सामग्री खरीदी और अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित भुगतानों का परीक्षण किया गया। एक प्रकरण में ₹2 लाख 13 हजार 250 की राशि सरपंच के खाते में जाने का उल्लेख करते हुए इसे वसूली योग्य माना गया है।
उपसरपंच के नाम पर वेंडर बनाने का भी मामला
जांच प्रतिवेदन में ग्राम पंचायत के उपसरपंच के नाम से वेंडर बनाए जाने तथा उसके खाते में राशि के भुगतान से संबंधित बिंदु भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में भी भुगतान और संबंधित अभिलेखों की जांच की गई है और राशि को वसूली योग्य माना गया है।
निविदा और सामग्री खरीदी पर भी सवाल
शिकायत में पंचायत द्वारा निर्माण कार्यों एवं सामग्री खरीदी में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने के आरोप भी लगाए गए थे। जांच के दौरान इन आरोपों से संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों का परीक्षण किया गया। रिपोर्ट में सामग्री खरीदी और पंचायत स्तर पर अपनाई गई प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं का भी उल्लेख है।
सरपंच से ₹2.61 लाख, सचिव से ₹3.01 लाख की वसूली
जांच प्रतिवेदन के निष्कर्ष में स्पष्ट रूप से राशि की वसूली योग्य होने का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार— सरपंच उर्मिला धुर्वे से ₹2,61,625 की वसूली प्रस्तावित।,सचिव रमेश कुमार पट्टा से ₹3,01,625 की वसूली प्रस्तावित। कुल वसूली योग्य राशि ₹5,63,250।जांच प्रतिवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया है।
