— 15वें वित्त की राशि से बने सड़क कार्य में भुगतान को लेकर विवाद, जांच के बाद दोनों पर 1.45-1.45 लाख की देयता तय
डिंडौरी। जनपद पंचायत समनापुर की ग्राम पंचायत मारगांव में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए सीसी रोड निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच के बाद जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विहित प्राधिकारी (पंचायत) ने सरपंच अमरीश सैयाम और तत्कालीन सचिव समर सिंह परस्ते की देयता निर्धारित करते हुए दोनों से 1 लाख 45 हजार 50 रुपये की दर से कुल 2 लाख 90 हजार 100 रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं।
— ये रहा पूरा मामला
पंचायत भवन से आंगनवाड़ी भवन की ओर बनाए गए सीसी रोड के लिए 6 लाख 77 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। निर्माण सामग्री की आपूर्ति के लिए ठाकुर इंटरप्राइजेज, समनापुर को सप्लाई ऑर्डर जारी किया गया। जांच समिति के प्रतिवेदन के अनुसार फर्म द्वारा करीब 6 लाख 12 हजार 100 रुपये मूल्य की निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिसमें 900 बोरी सीमेंट, रेत, 40 एमएम और 20 एमएम गिट्टी सहित अन्य सामग्री शामिल थी।
जांच में सामने आया कि उपलब्ध कराई गई सामग्री के विरुद्ध पंचायत द्वारा फर्म को केवल 3 लाख 22 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 2 लाख 90 हजार 100 रुपये की राशि लंबित रही। जांच समिति के समक्ष फर्म संचालक ने सप्लाई ऑर्डर और सामग्री की पावती से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए।
जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि सरपंच और तत्कालीन सचिव द्वारा आवश्यक बिल-वाउचर उपलब्ध नहीं कराए गए और जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया गया। इसके बाद संबंधितों से जवाब मांगा गया।मामले में फर्म संचालक द्वारा सरपंच पर फोन-पे के माध्यम से कमीशन मांगने का आरोप लगाए जाने का भी आदेश में उल्लेख है। जांच प्रतिवेदन के साथ डिजिटल भुगतान से संबंधित प्रमाण संलग्न होने की बात भी दर्ज की गई है। यह आरोप जांच अभिलेख में दर्ज कथन के आधार पर सामने आया है।
प्रकरण में सरपंच और तत्कालीन सचिव को जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। दोनों ने 3 सितंबर 2026 को संयुक्त रूप से लिखित जवाब प्रस्तुत किया। आदेश के अनुसार प्रस्तुत जवाब और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद प्रस्तावित देयता समाप्त करने के लिए पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य नहीं पाए गए।
इसके बाद विहित प्राधिकारी ने सरपंच अमरीश सैयाम पर 1,45,050 रुपये और तत्कालीन सचिव समर सिंह परस्ते पर 1,45,050 रुपये की देयता निर्धारित की। कुल 2,90,100 रुपये की राशि सात दिवस के भीतर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। राशि जमा नहीं करने पर मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 तथा मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत वैधानिक वसूली कार्रवाई की जाएगी। 1 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर डिंडौरी, एसडीएम डिंडौरी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समनापुर को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
