पुलिस मुख्यालय भोपाल ने जारी किया आदेश, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, धार, बालाघाट समेत कई जिलों में बदली पदस्थापना
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल ने पुलिस स्थापना बोर्ड की अनुशंसा एवं अनुमोदन के बाद पुलिस विभाग में बड़ा स्थानांतरण आदेश जारी किया है। 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश में कुल 236 शासकीय सेवकों को उनकी वर्तमान पदस्थापना से नवीन पदस्थापना पर स्थानांतरित किया गया है।
पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार इन कर्मचारियों को “स्वयं के व्यय पर” आगामी आदेश तक नवीन पदस्थापना के नाम के समक्ष दर्शित इकाई में स्थानांतरित किया गया है। स्थानांतरण सूची में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं पुलिस इकाइयों में पदस्थ पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं।
आदेश में ग्वालियर से दतिया, हरदा से रेल भोपाल, रेल इंदौर से खरगोन, सतना से बड़वानी, रायसेन से रेल इंदौर, टीकमगढ़ से भिण्ड, विदिशा से बैतूल, रेल जबलपुर से सतना, इंदौर ग्रामीण से श्योपुर, अनूपपुर से सिवनी और सीधी से शिवपुरी सहित कई स्थानों पर पदस्थापना बदली गई है।
इसी क्रम में सूची के बाद के क्रमांक में उज्जैन से पीटीसी इंदौर, धार से उमरिया, भिण्ड से कटनी, बालाघाट से ग्वालियर, भोपाल ग्रामीण से राजगढ़, बड़वानी से शाजापुर, इंदौर से छिंदवाड़ा, बालाघाट से गुना और इंदौर नगरीय से राजगढ़ सहित अन्य पदस्थापनाएं भी शामिल हैं।
पदोन्नति की स्थिति में नए पदनाम से मान्य होगा आदेश
पुलिस मुख्यालय ने आदेश में स्पष्ट किया है कि उपरोक्त शासकीय सेवकों के पदोन्नत होने की स्थिति में उन्हें पदोन्नत हुए पदनाम एवं बैच क्रमांक से मान्य किया जाएगा। वहीं, मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के निर्देशों के अनुसार निर्धारित समयावधि में संबंधित शासकीय सेवकों को स्थानांतरण पर कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
पात्रता में कमी होने पर कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि संबंधित शासकीय सेवक निलंबन में है, उसकी सेवा अवधि पांच वर्ष पूर्ण नहीं हुई है, किसी अपात्र कर्मचारी की पदस्थापना गृह जिले में की गई है अथवा वह बुनियादी प्रशिक्षण में अनुत्तीर्ण है, तो उसे कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा और इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को अवगत कराया जाएगा।
यह स्थानांतरण आदेश विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन), पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी किया गया है। आदेश की प्रति प्रदेश के सभी संबंधित पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों तथा अन्य संबंधित पुलिस इकाइयों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

