डिंडौरी । उम्रभर शासन की सेवा करने के बाद जब कोई कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है तो उसकी पेंशन उसके बुढ़ापे का सबसे बड़ा सहारा बन जाती है। ऐसे में अपनी पेंशन के लिए किसी बुजुर्ग कर्मचारी को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, यह स्थिति संवेदनशीलता की मांग करती है। इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को जिला स्तरीय पेंशनर समिति की बैठक में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बिना किसी विशेष कारण के किसी भी पेंशनर की पेंशन नहीं रोकी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा, “कल आप भी सेवानिवृत्त होंगे, पेंशन के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ें तो कैसा लगेगा?” कलेक्टर की यह बात बैठक में मौजूद अधिकारियों के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने का संदेश रही।
कलेक्टर ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन केवल एक सरकारी भुगतान नहीं, बल्कि उनके जीवन का महत्वपूर्ण सहारा होती है। इसलिए पेंशन से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए समय पर निराकृत किया जाना चाहिए। उन्होंने लंबित या रुकी हुई पेंशन के मामलों की नियमानुसार जांच कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
रिटायरमेंट के बाद परेशानी से बचने की भी जिम्मेदारी
कलेक्टर ने कर्मचारियों को भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा के दौरान कर्मचारी अपनी सेवा पुस्तिका और अन्य आवश्यक अभिलेख समय-समय पर दुरुस्त रखें। सेवानिवृत्ति से पहले सभी दस्तावेज पूर्ण और अद्यतन होने चाहिए, ताकि नौकरी खत्म होने के बाद पेंशन और अन्य स्वत्वों के भुगतान के लिए उन्हें परेशान न होना पड़े।
उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर प्रत्येक शनिवार को आगामी छह माह में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों की समीक्षा की जाती है। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद लंबित या किसी कारण से रुकी पेंशन के मामलों की भी समीक्षा की जा रही है।
डिंडौरी के 71,845 पेंशनरों को मिली राशि
बैठक में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित पेंशन हितलाभ कार्यक्रम का मुख्यमंत्री द्वारा किया गया सीधा प्रसारण भी देखा गया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 35.42 लाख पेंशनरों के खातों में सिंगल क्लिक से करीब 212.87 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।
वहीं डिंडौरी जिले के 71,845 पेंशनरों के खातों में 43 लाख 10 हजार 700 रुपये की राशि अंतरित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर जेपी यादव, संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
