— नल-जल योजना से लेकर सीसी रोड और बाउंड्रीवाल निर्माण तक शिकायत; जांच के लिए कार्यपालन यंत्री को सौंपा आवेदन
डिंडौरी। जनपद पंचायत मेंहदवानी की ग्राम पंचायत खजरवारा में 5वें एवं 15वें वित्त की राशि के उपयोग को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ताओं ने पंचायत के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक और मटेरियल सप्लायर पर शासन के नियमों की अनदेखी करते हुए राशि आहरित करने तथा विभिन्न निर्माण कार्यों में अनियमितता किए जाने के आरोप लगाए हैं। मामले की जांच की मांग को लेकर ग्रामीण सेवा संभाग डिंडौरी के कार्यपालन यंत्री को शिकायत पत्र सौंपा गया है। शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है।
मूल्यांकन से अधिक भुगतान का आरोप
शिकायत के अनुसार वर्ष 2025-26 में नल-जल योजना के तहत स्वीकृत एवं मूल्यांकन राशि 4.83 लाख रुपये थी, जबकि इस कार्य के लिए कुल 5,02,940 रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मूल्यांकन राशि की तुलना में 19,940 रुपये अधिक राशि आहरित की गई। इस मामले में भुगतान और मूल्यांकन से संबंधित अभिलेखों की जांच की मांग की गई है।
पहले से बनी बाउंड्रीवाल पर दोबारा स्वीकृति का दावा
खेरमाता सुडगांव में करीब 10 लाख रुपये की लागत से रंगमंच एवं बाउंड्रीवाल निर्माण की स्वीकृति को लेकर भी शिकायत में सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि संबंधित बाउंड्रीवाल पहले ही ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित कराई जा चुकी थी, इसके बावजूद उसी कार्य के लिए दोबारा स्वीकृति लेकर राशि आहरित की गई। शिकायतकर्ताओं ने मौके पर भौतिक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
चार सीसी रोड कार्य भी जांच के दायरे में
ग्राम पंचायत में कराए गए चार सीसी रोड निर्माण कार्यों को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। इनमें गंगाराम के घर से यशवंत के घर तक, प्रधानमंत्री रोड से राजकुमार के घर तक, पूरन के घर से पुलिया तक तथा भगत के घर से पिरमा के घर तक बनाए गए सीसी रोड शामिल हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन कार्यों में वास्तविक निर्माण की तुलना में अधिक राशि का प्राक्कलन तैयार कर भुगतान कराया गया। उनका दावा है कि मौके पर सड़क की लंबाई और मोटाई प्राक्कलन के अनुरूप नहीं है। शिकायत में सभी कार्यों की तकनीकी जांच के साथ भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गई है।
5.79 लाख रुपये के आहरण पर भी सवाल
शिकायत में सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक और मटेरियल सप्लायर हरिओम ट्रेडर्स से संबंधित 5,79,248 रुपये के कथित आहरण का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बिना कार्य कराए पंचायत के एकल खाते से उक्त राशि आहरित की गई। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि राशि आहरण के बावजूद संबंधित सप्लायर द्वारा सामग्री की आपूर्ति नहीं की गई।
शिकायतकर्ताओं ने पंचायत के अभिलेख, भुगतान दस्तावेज, प्राक्कलन, मूल्यांकन, मस्टर रोल और मौके पर हुए निर्माण कार्यों का मिलान कर जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। शिकायत के आधार पर विभागीय जांच और मौके के भौतिक सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्यों में वास्तव में कितनी राशि खर्च हुई, कार्य प्राक्कलन के अनुरूप हुए या नहीं तथा भुगतान और सामग्री आपूर्ति में कोई अनियमितता हुई या नहीं। संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
