— दो सप्ताह में कार्यमुक्त होने के निर्देश, कई जिलों में नई पदस्थापनाएं
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रशासनिक कसावट और कार्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में 74 उपयंत्रियों (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। विभाग के उप सचिव हृदयेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी सूची में प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों में पदस्थ उपयंत्रियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सीधी, उमरिया, रायसेन, सागर, दमोह, देवास, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, कटनी, राजगढ़, विदिशा, भोपाल सहित कई जिलों के अधिकारी शामिल हैं।
डिंडौरी से जुड़े स्थानांतरणों में पवन कुमार पटेल को डिंडौरी से सिवनी, जबकि सुरेन्द्र सिंह सेयाम को डिंडौरी से बालाघाट-2 भेजा गया है। वहीं तारेन्द्र प्रकाश परते को बालाघाट-2 से डिंडौरी पदस्थ किया गया है। इसके अलावा मंडला एवं आसपास के क्षेत्रों के कई अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरण नीति-2026 की कंडिका 43 के अनुसार संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को दो सप्ताह के भीतर कार्यमुक्त होना अनिवार्य होगा। कंडिका 46 के तहत स्थानांतरण के बाद पूर्व पदस्थापना स्थल से वेतन आहरण स्वतः बंद हो जाएगा तथा नवीन पदस्थापना स्थल से ही वेतन देय होगा।
इसके अतिरिक्त, कार्यमुक्त होने और नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के बीच किसी भी प्रकार के अवकाश को सामान्य प्रशासन विभाग की अनुमति के बाद ही स्वीकृत किया जा सकेगा। राज्य सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देखें पूरी लिस्ट…

