Tribal Department Dindori : डिंडौरी में खत्म हुआ शिक्षकविहीन स्कूलों का दौर, 122 नियमित शिक्षकों की तैनाती से बदली शिक्षा व्यवस्था…

Rathore Ramshay Mardan
2 Min Read

जनजातीय कार्य विभाग ने जारी की 206 शिक्षक-कर्मचारियों की स्थानांतरण सूची, 61 स्वैच्छिक तबादलों को भी मिली मंजूरी।

डिंडौरी। मध्यप्रदेश शासन की स्थानांतरण नीति-2026 के तहत जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी ने जिले के भीतर शिक्षकों एवं कर्मचारियों की स्थानांतरण सूची जारी कर दी है। विभाग द्वारा कुल 206 शिक्षक-कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं, जिनमें 145 प्रशासनिक एवं 61 स्वैच्छिक स्थानांतरण शामिल हैं।

सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र जाटव ने बताया कि कलेक्टर के जिला भ्रमण के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि जिले की कई प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाएं नियमित शिक्षकों के अभाव में अतिथि शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रही हैं। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शिक्षकविहीन विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की पदस्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे जिला प्रभारी मंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया गया।

विभाग ने प्रशासनिक आधार पर 122 शिक्षकों का स्थानांतरण कर उन्हें शिक्षकविहीन शालाओं में पदस्थ किया है। विभाग का दावा है कि इस प्रक्रिया के बाद जिले की कोई भी प्राथमिक शाला शिक्षकविहीन नहीं रही है। इससे विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण सुविधा मिलने के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

वहीं, ईएचआरएमएस पोर्टल पर प्राप्त 214 स्वैच्छिक स्थानांतरण आवेदनों का परीक्षण किया गया। शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए इनमें से 61 आवेदनों को स्वीकृत कर स्थानांतरण के लिए पात्र पाया गया। इन स्थानांतरणों को भी कलेक्टर की सहमति के बाद अंतिम रूप दिया गया।

जनजातीय कार्य विभाग के अनुसार इस वर्ष स्थानांतरण प्रक्रिया में शिक्षकविहीन विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता रही। यही कारण है कि स्थानांतरण नीति के तहत अनुमत अधिकतम संख्या की तुलना में काफी कम स्थानांतरण किए गए, ताकि विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित न हो। सहायक आयुक्त राजेन्द्र जाटव ने कहा कि विभाग का उद्देश्य जिले के प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकीय व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मिल सके।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *