— स्थानांतरण नीति 2026 के तहत प्रशासनिक आधार पर हुई कार्रवाई, दो सप्ताह में कार्यमुक्ति के निर्देश
डिंडौरी। जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी द्वारा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से माध्यमिक शिक्षकों के बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी द्वारा 15 जून 2026 को जारी आदेश के तहत 29 माध्यमिक शिक्षकों को प्रशासनिक आधार पर विभिन्न शालाओं में स्थानांतरित कर नई पदस्थापना दी गई है।
जारी आदेश के अनुसार रामकुमार गौतम, बलदेव सिंह बिलागर, लक्ष्मी प्रसाद ठाकुर, रामचरण धुर्वे, मीना धुर्वे, प्रियंका पदम, हेमंत कुमार ठाकुर, आद्रा परस्ते, सुनील तिवारी, द्वारका प्रसाद मरावी, राकेश मरावी, रंजना बसल, निधि श्रीवास्तव, प्रताप सिंह माकों, सुषमा झारिया, उमेश प्रसाद सूर्यवंशी, वंदना झारिया, अर्चना नामदेव, पुष्पलता बघेल, चंद्रभान प्रजापति, राजेश कुमार अग्रवाल, अंजना साहू, निधि सोना, सलिल झा, कोमल सिंह सैयाम, ललित कुमार ठाकुर, राकेश कुमार सातू तथा संजय कुमार चंदेल सहित अन्य शिक्षकों को नई पदस्थापनाएं प्रदान की गई हैं।
स्थानांतरण आदेश के तहत शिक्षकों को जिले की विभिन्न माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शालाओं में भेजा गया है। इनमें दुधीमझौली, मक्के, बटोंधा, छिवली, कुई, बसनिया, मझगांव, सरई, रनगांव, बम्हनी, झापाटोला, पलकी, दुबामाल, रमपुरी, देवगांव, लालपुर, बरसिंघा, बडुईगढ़, सलैया, मटका, सारंगपुर, पडरिया, चिचरिंगपुर, सारसताल, मेहंदवानी और धुर्रा सहित कई विद्यालय शामिल हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित शिक्षकों को ई-एचआरएमएस (eHRMS) पोर्टल के माध्यम से कार्यमुक्त एवं कार्यभार ग्रहण कराना अनिवार्य होगा। संबंधित संस्था प्रमुख एवं आहरण-संवितरण अधिकारियों को सेवा पुस्तिका में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज कर निर्धारित समय सीमा में कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के दो सप्ताह के भीतर संबंधित शिक्षकों को कार्यमुक्त किया जाना अनिवार्य होगा। यदि किसी कारणवश कार्यमुक्ति में विलंब होता है तो सक्षम अधिकारी को इसकी अनुमति प्राप्त करनी होगी। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी यदि कर्मचारी कार्यमुक्त नहीं होता है तो उसे एकतरफा कार्यमुक्त माना जाएगा और उसके पुराने पदस्थापना स्थल से वेतन आहरण बंद कर दिया जाएगा।
जनजातीय कार्य विभाग ने चेतावनी दी है कि स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना करने, बिना अनुमति अवकाश पर जाने अथवा नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल से जिले के स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर होगी और शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।



