Mp News : कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव का सख्त रुख: जनता के मामलों में संवेदनशील बनें अधिकारी, अपराधियों में दिखना चाहिए प्रशासन का खौफ….

Rathore Ramshay Mardan
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भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि हर जिला अपनी अलग आर्थिक पहचान और मजबूत स्थानीय अर्थव्यवस्था विकसित करने की दिशा में गंभीर प्रयास करे। उन्होंने कहा कि सुशासन की कसौटी लोक सेवा गारंटी, सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई हैं, इसलिए आमजन से जुड़े मामलों में अधिकारियों को मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना होगा।

 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव ने कानून व्यवस्था, राजस्व, कृषि, उद्योग, नगरीय विकास और ग्रामीण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

मुख्य सचिव ने नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में आने वाले हर शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से लेकर संतुष्टिपूर्ण समाधान किया जाए। सीएम हेल्पलाइन के सभी प्रकरणों को अटेंड करने और पेयजल संबंधी शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता से हल करने के भी निर्देश दिए गए।

 

बैठक में अवैध गतिविधियों और अपराध पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि अपराधियों में शासन-प्रशासन का भय दिखाई देना चाहिए। अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कठोर कार्रवाई करने, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को राजसात कर शीघ्र नीलामी करने तथा पुराने खनन अपराधों की समीक्षा कर दोषियों को सजा दिलाने के निर्देश दिए गए।

 

पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास ड्रग फ्री जोन विकसित करने, पाक्सो एक्ट के मामलों में त्वरित कार्रवाई और विस्फोटक अधिनियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। आगामी त्योहारों को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

 

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने खाद, बीज और उर्वरक के पर्याप्त भंडारण पर संतोष जताया और निर्देश दिए कि वितरण ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरक वितरण केंद्रों पर लाइन और भीड़ का सामना न करना पड़े। साथ ही डीएपी के स्थान पर एनपीके उर्वरक को बढ़ावा देने और नरवाई जलाने की घटनाएं रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

 

उद्योग और निवेश को लेकर मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि कृषि और उद्यानिकी के साथ समन्वय कर जिलों में औद्योगिक वातावरण तैयार किया जाए ताकि निवेश आकर्षित हो सके। एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत दूसरा उत्पाद चयनित करने और शेष विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

 

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, जल आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और जल गंगा संवर्धन अभियान की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जलाशयों में पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

 

 

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