— डिंडौरी में आवास योजना में फर्जीवाड़ा, जांच के बाद बड़ा खुलासा
डिंडौरी। जिले के जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत सारसताल में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आने के बाद जिला पंचायत ने कड़ा एक्शन लिया है। जिला पंचायत डिण्डौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी आदेश में ग्राम रोजगार सहायक उमेद सिंह उद्दे की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और राशि वसूली की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
— जारी आदेश के मुताबिक
दरअसल जांच में खुलासा हुआ कि कई हितग्राहियों के आवास अधूरे होने के बावजूद पोर्टल पर उन्हें पूर्ण दर्शाकर पूरी राशि जारी कर दी गई। कई मामलों में हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि किस्त की राशि ग्राम रोजगार सहायक द्वारा निकलवाकर अपने पास रख ली गई, जबकि मकान आज तक अधूरे हैं और परिवार कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।
जिला स्तरीय जांच समिति द्वारा ग्राम पंचायत सारसताल में निरीक्षण के दौरान कई गंभीर तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि कुछ हितग्राहियों के मकानों में छत तक नहीं बनी, कुछ ने निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया, जबकि पोर्टल पर आवास पूर्ण दिखाए गए थे। कई हितग्राहियों ने बयान में बताया कि मजदूरी भुगतान भी नहीं किया गया और निर्माण सामग्री तक वापस ले ली गई।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 3 लाख 80 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। इसके बाद संबंधित ग्राम रोजगार सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं माना गया।
आदेश में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी को कार्य में सुधार के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए थे, इसके बावजूद योजना क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितता जारी रही। इसे सेवा शर्तों और शासन के दिशा-निर्देशों के विपरीत मानते हुए संविदा सेवा समाप्त कर दी गई।
जिला पंचायत ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डिण्डौरी को निर्देशित किया है कि संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही म.प्र. पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत पृथक वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी।




