— 4700 रुपये वसूले पड़े भारी! एक माह के लिए अस्पताल बंद
मध्यप्रदेश के जबलपुर बरगी बांध क्रूज हादसे में घायल महिला से प्राथमिक उपचार के बाद शुल्क वसूलना एक निजी अस्पताल को महंगा पड़ गया। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए गौर तिराहा स्थित नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का लाइसेंस एक माह के लिए निलंबित कर दिया है। साथ ही अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पर भी रोक लगा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, क्रूज हादसे के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाई गई श्रीमती सविता शर्मा को उपचार के लिए उक्त अस्पताल ले जाया गया था। यहां प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उनसे 4,700 रुपये का बिल वसूल लिया। इस मामले के समाचार सामने आने के बाद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे।
जांच में पाया गया कि अस्पताल द्वारा पेन किलर और टिटनस इंजेक्शन देने के बाद शुल्क लिया गया, जो आपदा की स्थिति में नियमों के विरुद्ध है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत इस तरह की वसूली पूरी तरह अनुचित है।
कार्रवाई के तहत अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से एक माह के लिए निलंबित कर दिया गया है और प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित कराया है कि पीड़ित महिला के परिजनों को वसूली गई राशि वापस कर दी गई है। वहीं अस्पताल को निर्देश दिए गए हैं कि वर्तमान में भर्ती मरीजों का समुचित इलाज कर उन्हें डिस्चार्ज किया जाए, लेकिन अगले एक माह तक किसी भी नए मरीज को भर्ती न किया जाए।
