मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में ग्राम पंचायतों में शासकीय राशि के दुरुपयोग पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई के संकेत देते हुए दो महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों में ग्राम पंचायतों द्वारा गैर अनुमत कार्यों पर खर्च, बिल वाउचर की अनियमितता और योजना निधियों के दुरुपयोग पर चिंता जताई गई है।
पहले आदेश में यह उल्लेख किया गया है कि विभिन्न माध्यमों से जानकारी मिली है कि ग्राम पंचायतें विकास कार्यों की राशि को गैर अनुमत कार्यों में खर्च कर रही हैं और बिल वाउचर लगाकर राशि का भुगतान किया जा रहा है, जो एक गंभीर वित्तीय अनियमितता है। इस पर रोक लगाने हेतु यह निर्देश जारी किया गया है कि ग्राम पंचायतों के एकल खाते से कोई भी भुगतान करने से पहले संबंधित क्लस्टर प्रभारी की अनुमति आवश्यक होगी। बिना अनुमति के भुगतान को अमान्य मानते हुए संबंधित सरपंच व सचिव से वसूली की जाएगी।
वहीं दूसरे आदेश में क्लस्टर प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी चार्ट अनुसार ग्राम पंचायतों का दौरा करें और समस्त विकास योजनाओं जैसे आवास योजना, मनरेगा, वनाधिकार, पेयजल, 15वें वित्त आयोग और GDPD की समीक्षा करें। इसके तहत ग्रामों में योजनाओं के क्रियान्वयन और उपयोगिता की जांच करते हुए 15 दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
दोनों आदेशों तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेशों की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, जिला पंचायत अधिकारी, खंड पंचायत अधिकारी और सरपंच-सचिवों को भेजी गई है। इन आदेशों में ग्राम पंचायतों द्वारा गैर अनुमत कार्यों पर खर्च, बिल वाउचर की अनियमितता और योजना निधियों के दुरुपयोग पर चिंता जताई गई है।
