भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने मिंटो हॉल में आयोजित पत्रकार वार्ता में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ग्रामीण विकास और श्रमिक हितों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। मंत्री ने बताया कि संसद द्वारा पारित विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 मनरेगा में व्यापक सुधार लाएगा और ग्रामीण रोजगार को विकसित भारत-2047 के विज़न से जोड़ेगा।
मंत्री पटेल ने कहा कि ग्राम विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और उसी भावना के अनुरूप प्रदेश सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पंचायत भवनों की नई डिज़ाइन के साथ तीनों स्तरों पर आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया गया है। 2472 अटल ग्राम सेवा सदनों के लिए ₹922.20 करोड़, 106 अटल सुशासन भवनों के लिए ₹557.08 करोड़ और 5 अटल जिला सुशासन भवनों के लिए ₹49.98 करोड़ स्वीकृत किए गए।
नर्मदा परिक्रमा पथ को सुगम बनाने हेतु 231 आश्रय स्थलों की पहचान की गई है। पहले चरण में पौधरोपण व फेंसिंग के लिए ₹4.13 करोड़ तथा 19 स्थलों पर आश्रय/यात्री प्रतीक्षालय निर्माण हेतु ₹10.5 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। नदियों के संरक्षण के तहत 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौधरोपण के लिए ₹2.92 करोड़ मंजूर किए गए। तामिया और भीमबेटिका जैसे पुरातात्विक क्षेत्रों के विकास हेतु ₹2 करोड़ स्वीकृत हुए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में प्रदेश ने तीनों चरणों में व्यापक कार्य किए। PM-JANMAN के तहत 1033 संपर्कविहीन बस्तियों के लिए 2218 किमी सड़कें स्वीकृत हैं। रोजगार गारंटी योजना में SIPRI सॉफ्टवेयर से वैज्ञानिक स्थल चयन, जल गंगा संवर्धन अभियान में ₹3000 करोड़ के कार्य, खेत तालाब, कूप रिचार्ज और अमृत सरोवर जैसे कार्यों से जल संरक्षण को गति मिली। वर्ष 2025-26 में 1500 लाख मानव दिवस के लक्ष्य के सापेक्ष 94% सृजन हुआ, जबकि 2024-25 में 95%। अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम रहा।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में दो वर्षों में 11.27 लाख लखपति दीदी परिवार बने। 135 FPO का टर्नओवर ₹1608 करोड़ रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 11.72 लाख लक्ष्य में से 11.46 लाख आवास स्वीकृत कर देश में पहला स्थान हासिल किया। PM-JANMAN में भी स्वीकृति और पूर्णता में प्रदेश अग्रणी रहा।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ODF स्थायित्व के लिए लाखों शौचालयों का निर्माण, अधिकांश ग्रामों में SWM/LWM घोषणा और गोबरधन के तहत 73 बायोगैस संयंत्र स्थापित किए गए। नवाचार के रूप में अटल ई-सेवा केंद्र, मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना 2025, स्वच्छता साथी—Wash on Wheels जैसी पहलें शुरू की गईं।
आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना में नर्मदा परिक्रमा पथ पर 20–25 किमी अंतराल पर सर्वसुविधायुक्त आश्रय, सभी पंचायत भवनों में अटल ई-सेवा केंद्र, पंचायत सचिव व अन्य रिक्त पदों पर भर्ती, श्मशान घाटों का सुव्यवस्थित विकास, पंचायत दर्पण पोर्टल का विस्तार, HRMS का प्रभावी उपयोग और मनरेगा अंतर्गत मुख्यमंत्री सुगम संपर्कता परियोजना शामिल है। मंत्री ने बताया कि इस परियोजना से दोहरी संपर्कता हेतु लगभग ₹1000 करोड़ के कार्य लिए जाएंगे तथा 3300 ग्राम पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायकों की नियुक्ति की जाएगी।
