— 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को CPCT स्कोर कार्ड से मिलेगी छूट, लेकिन कंप्यूटर दक्षता अनिवार्य रहेगी; पदोन्नत कर्मचारियों को योग्यता पूरी करने के लिए अधिकतम पांच साल का समय
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने चतुर्थ श्रेणी के शासकीय कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 एवं समकक्ष पदों पर पदोन्नति देने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। 14 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में पदोन्नति के दौरान कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (CPCT) और कंप्यूटर डिप्लोमा की अनिवार्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। शासन के इस निर्णय से पात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में आने वाली कठिनाइयों का निराकरण हो सकेगा।
— जारी आदेश के अनुसार
सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अंकित अस्थाना द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले कर्मचारियों को दो वर्ष की परीक्षण अवधि पर पदोन्नत किया जा सकेगा। इस दौरान संबंधित कर्मचारी को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित CPCT उत्तीर्ण करना होगा तथा निर्धारित मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा या प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा।
45 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को CPCT स्कोर कार्ड से छूट
आदेश का महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि पदोन्नति की तिथि पर 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए CPCT स्कोर कार्ड प्रस्तुत करने से छूट दी जाएगी। हालांकि, ऐसे कर्मचारियों के लिए कंप्यूटर दक्षता की अनिवार्यता समाप्त नहीं होगी। यानी CPCT स्कोर कार्ड से छूट मिलने के बावजूद कंप्यूटर कार्य करने की दक्षता आवश्यक रहेगी।
किन कंप्यूटर योग्यताओं को मिलेगी मान्यता?
शासन ने कंप्यूटर डिप्लोमा और संबंधित योग्यताओं के संबंध में भी स्पष्टता दी है। निर्धारित शर्तों के तहत यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय अथवा मुक्त विश्वविद्यालय से डिप्लोमा, DOEACC की डिप्लोमा स्तर की परीक्षा, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज का मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट कोर्स तथा NCVT या SCVT से प्राप्त एक वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA) प्रमाणपत्र मान्य होंगे।
इसके अतिरिक्त बीई (कंप्यूटर साइंस/आईटी), एमसीए, बीसीए, एमएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस), बीएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस), एमटेक, एमई तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन और सूचना प्रौद्योगिकी में एआईसीटीई से अनुमोदित पॉलीटेक्निक डिप्लोमा जैसी योग्यताओं को भी मान्यता दी गई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बीएससी या बीकॉम जैसी डिग्रियां, जिनमें केवल एक विषय के रूप में कंप्यूटर का अध्ययन किया गया हो, सामान्य रूप से मान्य नहीं होंगी। हालांकि, बीएससी की अंकसूची में आईटी या कंप्यूटर साइंस विषय प्रमाणित होने पर संबंधित उपाधि को बीएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस) के समकक्ष मानने का प्रावधान किया गया है।
योग्यता पूरी करने के लिए मिलेगा अधिकतम पांच साल का समय
निर्देशों के मुताबिक, पदोन्नति के बाद दो वर्ष की परीक्षण अवधि में निर्धारित कंप्यूटर योग्यता हासिल नहीं करने वाले कर्मचारियों की परीक्षण अवधि अधिकतम तीन वर्ष तक और बढ़ाई जा सकेगी। इस प्रकार कुल परीक्षण अवधि पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी। यदि कर्मचारी पांच वर्ष की कुल अवधि में भी निर्धारित योग्यता प्राप्त नहीं कर पाता है, तो उसे अनिवार्य रूप से उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस भेज दिया जाएगा।
छूट केवल विभागीय पदोन्नति में लागू
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि CPCT स्कोर कार्ड से संबंधित छूट केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में लागू होगी। सीधी भर्ती अथवा नियुक्ति के अन्य माध्यमों में निर्धारित CPCT और कंप्यूटर डिप्लोमा की अर्हताएं पहले की तरह अनिवार्य रहेंगी।
मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के अंतर्गत विभिन्न विभागों में पदोन्नति की कार्यवाही जारी है। इसी प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न कठिनाइयों को दूर करने और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति के उचित एवं न्यायसंगत अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन ने पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों को समेकित करते हुए यह आदेश जारी किया है।

