भोपाल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मध्यप्रदेश में संचालित उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल ने सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भारत सरकार के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम वर्ष 2027 तक संचालित किया जाना है, जिसके अंतर्गत 2027 से पूर्व प्रदेश को 100 प्रतिशत बुनियादी साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि आगामी मार्च 2026 में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए जिलावार लक्ष्य एवं सर्वे की जानकारी पूर्व में आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है।
आदेश के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर असाक्षरों का सर्वे कर उन्हें मूल्यांकन परीक्षा में शामिल कराया जाएगा। इसके लिए अक्षर साथियों के सहयोग से नियमित कक्षाएं संचालित कराना अनिवार्य होगा। सभी जिला परियोजना समन्वयक एवं जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
इस आदेश की प्रतिलिपि प्रदेश के समस्त कलेक्टरों एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी सूचनार्थ भेजी गई है, ताकि अभियान को प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सहयोग प्राप्त हो सके। उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से निरक्षर वयस्कों को बुनियादी शिक्षा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह अभियान प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




