मध्यप्रदेश के डिंडौरी के जनपद पंचायत शहपुरा के सदस्यों ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर शिकायत की है कि सरपंच संघ शहपुरा के सचिव मनोज मार्को ने अवैध रूप से सरपंचों की बैठक बुलाकर सदस्यों पर अविश्वास प्रस्ताव से विरत रहने के लिए दबाव डाला और हिंसक कार्रवाई की धमकी दी। आवेदन के मुताबिक बैठक 29 सितंबर 2025 को जनपद पंचायत शहपुरा के सभाकक्ष में आयोजित की गई थी।
— ये रहा पूरा मामला
दरअसल आवेदकों के द्वारा दिए गए पत्र में उल्लेखित किया गया है कि इस बैठक में सरपंचों को सूचित किया गया कि 08 अक्टूबर 2025 को जनपद अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका आर्मो के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मतदान होना है। बैठक में चर्चा की गई कि अपने-अपने क्षेत्र के जनपद सदस्यों को समझाया जाए और दबाव डाला जाए कि वे मतदान में हिस्सा न लें। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि यदि कोई सदस्य अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करता है, तो उसके खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। आवेदकों ने यह भी कहा कि बैठक में कुछ जनपद सदस्यों को दौड़ा-दौड़ाकर डराने और मारपीट करने की धमकी दी गई, जिससे मतदान प्रभावित न हो सके। उनका आरोप है कि इस प्रकार की बैठक आयोजित कर सरपंचों को भड़काया गया और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया।
शिकायत में प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि जनपद पंचायत शहपुरा के सभागार में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए। आवेदन में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और मतदान के दौरान कोई बाधा उत्पन्न होती है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। आवेदन के साथ वाट्सएप ग्रुप संदेश और अविश्वास प्रस्ताव की छायाप्रति संलग्न की गई है, जो आरोपों का समर्थन करती है। इस पूरे मामले ने जिले में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और आगामी मतदान को लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न कर दी है। प्रशासन की ओर से इस पर क्या कार्रवाई होगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।




