— डिंडौरी में योजनाओं की रफ्तार तेज! हर लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य
डिंडौरी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में चालू वित्तीय वर्ष की अंतिम जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की स्पेशल बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और बैंकों के समन्वय से संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ दिव्यांशु चौधरी, एलडीएम रविशंकर, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार जाटव, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की प्रबंधक राधिका कुशरो सहित सभी बैंकों के जिला समन्वयक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड के 8 में से 6 प्रकरणों का निराकरण हो चुका है, जबकि शेष प्रकरणों को 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना के तहत 12 में से 8 प्रकरण पूर्ण हो चुके हैं, वहीं शेष प्रकरणों को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने की बात कही गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने बैंकों की सराहना की। कलेक्टर भदौरिया ने कहा कि बैंक और विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य कर जिले की आर्थिक प्रगति को गति दें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए प्राप्त शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को समय पर राहत मिल सके।




