— एसडीएम रामबाबू देवांगन ने कहा — भौतिक संसाधनों को ग्राम पंचायत विकास योजना में करें शामिल
डिंडौरी। जनपद पंचायत बजाग में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार करने हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं ग्राम सभा मोबिलाइजर्स ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजाग एसडीएम रामबाबू देवांगन ने प्रशिक्षण देते हुए कहा कि प्रत्येक पंचायत को अपने स्थानीय विकास की योजना स्वयं बनानी चाहिए, ताकि गांव का विकास वहां के लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हो सके। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर की समस्याएं जैसे — पेयजल, स्वच्छता, सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं — इन सबको ग्राम सभा से पारित कर GPDP योजना में शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हर सरपंच सप्ताह में कम से कम एक दिन पंचायत में बैठें, ताकि हितग्राही अपनी समस्याएं सीधे रख सकें। साथ ही उन्होंने सभी को ग्राम पंचायत को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखने की प्रेरणा दी।
प्रशिक्षण में आकांक्षी विकासखंड फेलो डॉ. विकास जैन, मास्टर ट्रेनर्स सीता सिंह एवं प्रेम सिंह ने भी विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। डॉ. जैन ने बताया कि GPDP का पहला कदम है — उपलब्ध संसाधनों की पहचान करना। इसमें भौतिक संसाधन जैसे पंचायत भवन, आंगनवाड़ी, स्कूल, सड़क, तालाब, मानव संसाधन जैसे शिक्षक, किसान, महिला समूह, तथा वित्तीय संसाधन जैसे 15वां वित्त आयोग फंड, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, NRLM और CSR फंड शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पंचायत को Resource Mapping करनी चाहिए — यानी क्या है, कहाँ है, और कितना है की जानकारी रखना जरूरी है। इससे योजनाओं का सही समन्वय हो सकेगा। मास्टर ट्रेनर्स सीता सिंह और प्रेम सिंह ने बताया कि GPDP योजना में सभी योजनाओं का समन्वय आवश्यक है, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो और विकास कार्यों का प्रभाव कई गुना बढ़े। प्रशिक्षण के दौरान संतोष बरमैया, ज्योति पड़वार, सोमल सिंह, और कान्हा नंदा का विशेष सहयोग रहा।





