डिंडौरी। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर जिले में आयोजित भव्य समारोह में महिला एवं बाल विकास विभाग की 80 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने नव नियुक्त कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और शुभकामनाएँ दीं। मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी सेवाएँ प्रदेश की माताओं और बेटियों के जीवन को संवारने में अहम भूमिका निभाती हैं।
लेकिन अब इस नियुक्ति प्रक्रिया पर गड़बड़ी के आरोप सामने आने लगे हैं। ग्राम मोहगाँव निवासी ज्योति बेलिया ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अमरपुर परियोजना अधिकारी पर नियुक्ति पत्र देने से इंकार करने का आरोप लगाया है। ज्योति ने कलेक्टर डिंडौरी को आवेदन देकर कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी एमपी ऑनलाइन की अंतिम चयन सूची (दिनांक 31 अक्टूबर 2025) में उनका नाम प्रथम स्थान पर दर्ज है। इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया।
आवेदिका ने बताया कि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण पत्र जमा कर दिए हैं, फिर भी परियोजना अधिकारी की ओर से नियुक्ति पत्र देने से इंकार किया जा रहा है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं। ज्योति ने कलेक्टर से न्याय की मांग करते हुए नियुक्ति पत्र जारी कराने की मांग की है। वहीं इस मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।





