भोपाल। जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाएं के संचालनालय द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामुदायिक वन अधिकार दावों की प्रक्रिया को लेकर नए निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश 22 अप्रैल 2026 को भोपाल से जारी किया गया है।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी पत्र के अनुसार, अधिनियम की धारा 3(1)(i) में उल्लिखित सामुदायिक वनों के संसाधन, संरक्षण एवं प्रबंधन से जुड़े अधिकारों के दावे अब तक ऑफलाइन लिए जा रहे थे, क्योंकि पोर्टल पर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में टास्क फोर्स समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय के अनुसार फिलहाल दावों की प्राप्ति, परीक्षण और मान्यता की प्रक्रिया ऑफलाइन ही जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही, जैसे ही पोर्टल पर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होगी, इन दावों को ऑनलाइन दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम सभाओं को सामुदायिक वन अधिकारों का हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 4 मार्च 2025 और 4 नवंबर 2025 को हुई टास्क फोर्स समिति की बैठकों में यह निर्णय लिया गया था कि सामुदायिक वन संसाधन के संरक्षण एवं प्रबंधन के अधिकारों के दावों को भी अन्य दावों के साथ समांतर रूप से लिया जाए और उनकी प्रक्रिया पूरी की जाए।
इस आदेश के तहत सभी कलेक्टरों और क्षेत्रीय वनमण्डल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे दावों की प्राप्ति और निराकरण की कार्रवाई नियमानुसार सुनिश्चित करें। आदेश पर आयुक्त सह संचालक द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर किए गए हैं और इसकी प्रति प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग को भी भेजी गई है। देखें आदेश…

