Suspended Teacher Story : 14 साल बाद न्याय ! निलंबित सहायक अध्यापक धनीराम मरावी सेवा में बहाल, नई उम्मीदें जगीं…

Rathore Ramshay Mardan
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डिंडौरी। 14 वर्षों के लंबे इंतजार और अनिश्चितता के बाद सहायक अध्यापक धनीराम मरावी अब फिर से शिक्षा के क्षेत्र में लौट आए हैं। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के आदेशानुसार, उन्हें विकासखंड करंजिया की प्राथमिक शाला कुतरी से हटाकर प्राथमिक शाला झिरिया बहरा, संकुल केन्द्र गोपालपुर में समान सामर्थ्य पर पदस्थ किया गया है।

धनीराम मरावी को वर्ष 2011 में जनगणना प्रगणक कार्य में लापरवाही और समय पर अभिलेख जमा न करने के कारण तत्कालीन जिला जनगणना अधिकारी ने निलंबित किया था। तब से लेकर अब तक उनका जीवन अनिश्चितताओं और संघर्षों से भरा रहा। निलंबन के दौरान वे निर्धारित मुख्यालय पर उपस्थिति भी नहीं दे पाए थे। लेकिन समय और न्याय ने अंततः उनका साथ दिया। उनके विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामले में अदालत ने धारा 294(ख), 323 और 506 में उन्हें दोषमुक्त कर दिया और धारा 324 की सजा को केवल अर्थदंड में बदल दिया। वन्य प्राणी अधिनियम से संबंधित किसी भी मामले में उनका नाम नहीं आया।

शपथपत्र के माध्यम से उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की और अनुसूचित जनजाति समुदाय से होने के कारण नैसर्गिक न्याय और मानवीय सहानुभूति को ध्यान में रखते हुए जिला स्तरीय समिति ने सेवा में बहाली की अनुशंसा की। हालांकि लंबे समय तक निलंबन की अवधि को देखते हुए विभागीय जांच अब भी जारी रहेगी। निलंबन अवधि के वेतन-भत्तों का अंतिम निराकरण जांच पूर्ण होने के बाद किया जाएगा। इस आदेश के साथ धनीराम मरावी का 14 साल लंबा इंतजार खत्म हुआ और उनके जीवन में नई उम्मीदें जगी हैं।

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