भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 19 वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति तिथियों का आदेश जारी किया। यह आदेश मध्यप्रदेश मूलभूत नियम 56(2) के अंतर्गत जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार, ये अधिकारी अपनी अधिवार्षिकी आयु पूरी करने के कारण क्रमवार सेवानिवृत्त होंगे। इससे राज्य प्रशासनिक सेवा में बदलाव की प्रक्रिया और उत्तराधिकार की व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
सेवानिवृत्ति की प्रमुख तिथियाँ और अधिकारी:—
गणेश प्रसाद अग्रवाल (पी-2013), डिप्टी कलेक्टर, रीवा – 31 जनवरी, 2026
राजीव रंजन पाण्डेय (पी-2014), अपर कलेक्टर, नर्मदापुरम – 28 फरवरी, 2026
नाथुराम गौड़ (पी-2011), अपर कलेक्टर, जबलपुर – 28 फरवरी, 2026
जगदीश मेहरा (पी-2014), संयुक्त कलेक्टर, धार – 31 मार्च, 2026
महेश कुमार बमनहा (पी-2014), संयुक्त कलेक्टर, गुना – 31 मार्च, 2026
बृन्दावन सिंह (पी-2008), अपर कलेक्टर, सीहोर – 30 अप्रैल, 2026
दिलिप कुमार पाण्डेय (पी-2014), अपर कलेक्टर, अनूपपुर – 31 मई, 2026
मनोज कुमार वर्मा (पी-2013), महाप्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, भोपाल – 30 जून, 2026
प्रताप सिंह धुर्वे (पी-2008), उप संचालक, पंचायतीराज संचालनालय, भोपाल – 31 जुलाई, 2026
रामप्रसाद वर्मा (पी-2011), अपर कलेक्टर, आगर-मालवा – 31 जुलाई, 2026
दिनेश सिंह तोमर (पी-2016), संयुक्त कलेक्टर, सीहोर – 31 अगस्त, 2026
अनिल कुमार जैन (पी-2014), संयुक्त कलेक्टर, नर्मदापुरम – 31 अगस्त, 2026
जमील खान (पी-2016), संयुक्त कलेक्टर, सीहोर – 31 अगस्त, 2026
लक्ष्मीकान्त पाण्डेय (पी-2014), अपर कलेक्टर, भिण्ड – 30 सितंबर, 2026
संजय कुमार श्रीवास्तव (पी-2013), उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, भोपाल – 31 अक्टूबर, 2026
वीरेन्द्र सिंह दांगी (पी-2016), संयुक्त कलेक्टर, राजगढ़ – 30 नवंबर, 2026
रणजीत कुमार (पी-2011), उपायुक्त (राजस्व), उज्जैन संभाग, उज्जैन – 30 नवंबर, 2026
अखिलेश कुमार सिंह (पी-2016), संयुक्त कलेक्टर, रीवा – 31 दिसंबर, 2026
रमेश चन्द्र खतेड़िया (पी-2016), संयुक्त कलेक्टर, खण्डवा – 31 दिसंबर, 2026
— प्रशासनिक प्रक्रिया
आदेशानुसार, संबंधित संभाग आयुक्त, जिला कलेक्टर, सचिवालय और विभागीय अधिकारी इस आदेश से अवगत हैं और आवश्यक कार्यवाही करेंगे। आदेश की एक प्रति सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी ताकि सभी संबंधित अधिकारियों और विभागों को समय पर सूचना मिल सके। सेवानिवृत्ति के बाद पदों पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे प्रशासनिक ढांचे में आवश्यक बदलाव और उत्तराधिकार सुनिश्चित होंगे।
