मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी मां नर्मदा जयंती का पावन पर्व श्रद्धा, आस्था और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। माघ शुक्ल सप्तमी के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाले इस धार्मिक महोत्सव को लेकर जिलेभर में उत्साह और भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। मां नर्मदा के पवित्र घाटों पर विशेष पूजा-अर्चना, दीपदान एवं महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

नर्मदा जयंती के अवसर पर प्रातःकाल से ही श्रद्धालु मां नर्मदा के घाटों पर पहुंचकर पवित्र जल में स्नान करेंगे तथा विधिवत पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा से सुख-समृद्धि और मंगलकामना करेंगे। सायंकाल के समय घाटों पर हजारों दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे, वहीं डैम घाट में भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। दीपों की रोशनी से पूरा घाट क्षेत्र जगमगा उठेगा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाएगा।

इस पावन अवसर पर जिले के विभिन्न मंदिरों एवं नर्मदा तटों पर भजन-कीर्तन, हवन-पूजन, कथा वाचन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी। नर्मदा जयंती को लेकर धार्मिक समितियों द्वारा बीते कई दिनों से तैयारियां की जा रही हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, यातायात एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस एवं प्रशासनिक अमला पूरे आयोजन के दौरान सतत निगरानी रखेगा, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

नर्मदा जयंती के अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मां नर्मदा के घाटों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना एवं दीपदान में सहभागिता करेंगे। इस दौरान मां नर्मदा की विशेष महाआरती भी की जाएगी, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि मां नर्मदा जयंती आस्था और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और प्रकृति संरक्षण का संदेश भी देता है। जिलेभर में मां नर्मदा जयंती को लेकर उत्सव जैसा माहौल है और श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव के साथ इस पावन पर्व की तैयारी में जुटे हुए हैं।
