भोपाल। शहर में कानून व्यवस्था और सामुदायिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल हरिनारायणाचारी मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश 3 जनवरी 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू होकर आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर (एक्स), इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, एसएमएस सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धार्मिक, सामाजिक अथवा जातिगत भावनाएं भड़काने वाली किसी भी प्रकार की पोस्ट, फोटो, वीडियो, ऑडियो संदेश का प्रसारण प्रतिबंधित रहेगा। ऐसी सामग्री को लाइक, शेयर, फॉरवर्ड या उस पर टिप्पणी करना भी आदेश का उल्लंघन माना जाएगा।
पुलिस आयुक्त ने कहा है कि आपत्तिजनक पोस्ट से अधिक खतरा उस पर होने वाले कमेंट और क्रॉस-कमेंट से उत्पन्न होता है, जिससे समाज में वैमनस्य फैलने और शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका रहती है। इसलिए सोशल मीडिया ग्रुप के एडमिन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की गई है कि वे अपने ग्रुप में इस तरह की सामग्री को रोकें।
आदेश में अफवाह फैलाने, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर हिंसा या उन्माद भड़काने, किसी व्यक्ति या समुदाय को गैरकानूनी गतिविधियों के लिए एकत्र करने वाले संदेशों के प्रसारण पर भी पूर्ण रोक लगाई गई है। इसके साथ ही भोपाल शहर की सीमा में संचालित साइबर कैफे संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना वैध पहचान पत्र वाले किसी भी व्यक्ति को इंटरनेट उपयोग की अनुमति न दें। प्रत्येक उपयोगकर्ता का नाम, पता, मोबाइल नंबर और पहचान प्रमाण दर्ज करना तथा वेब कैमरा के माध्यम से फोटो सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जनहित, लोकशांति और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है।




