केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण विकास योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सोमवार को भोपाल में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोजगार सहायकों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। इस दौरान रोजगार सहायकों ने प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किए जाने के फैसले पर केन्द्रीय मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और धन्यवाद दिया। मुलाकात के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रोजगार सहायकों, पंचायत सचिवों और तकनीकी स्टाफ को समय पर वेतन न मिलना एक गंभीर चिंता का विषय था। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से सरकार ने प्रशासनिक व्यय बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों को राहत देने के लिए लिया गया है।
केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि पहले प्रशासनिक व्यय 6 प्रतिशत था, जिसे अब बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, यानी इसे डेढ़ गुना किया गया है। उन्होंने कहा कि कुल प्रस्तावित बजट 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये में से 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि कर्मचारियों के वेतन और प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए सुरक्षित रहेगी। यह राशि वेतन भुगतान के लिए पर्याप्त होगी। चौहान ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक खर्च में किसी भी प्रकार का अपव्यय नहीं होने दिया जाएगा। जीप-गाड़ी या अन्य अनावश्यक मदों में खर्च पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि रोजगार सहायकों द्वारा वेतन में देरी और भुगतान रोके जाने की समस्याएं सामने रखी गई थीं, जिसके बाद नियमों में ऐसा प्रावधान किया गया है कि पहले कर्मचारियों के वेतन का भुगतान होगा, उसके बाद अन्य खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्यों के साथ समन्वय कर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले और योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके।




