डिंडौरी। कपिलधारा कूप योजना की अंतिम किश्त जारी करने के बदले दो हजार रुपये रिश्वत मांगने के प्रकरण में ग्राम पंचायत मुढियाकला के रोजगार सहायक इन्द्रसिंह वालरे को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम डिंडौरी ने पांच वर्ष सश्रम कारावास तथा दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। मीडिया सेल प्रभारी एवं अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि शासन की कपिलधारा कूप योजना अंतर्गत दो लाख 30 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे जिनमें से पैंतालीस हजार रुपये अंतिम किश्त के रूप में जारी होना शेष था। रोजगार सहायक इन्द्र सिंह वालरे द्वारा यह शेष राशि निकलवाने के लिए दो हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत पर लोकायुक्त संगठन इकाई जबलपुर ने कार्रवाई करते हुए 27 सितम्बर 2025 को आरोपी को एक हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विशेष न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा सात तथा धारा 13(2)(डी) सहपठित धारा 13(2) के अंतर्गत पांच पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर छह-छह माह अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताए जाने का आदेश दिया गया है। शासन की ओर से इस मामले में विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार वर्मा द्वारा पैरवी की गई।




