डिंडौरी। जनपद पंचायत डिंडौरी में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी की अध्यक्षता में ग्राम पंचायतों में चल रहे मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और जीपीडीपी निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती रामकिशोरी ठाकुर, जनपद सदस्यगण, सीईओ जनपद पंचायत प्रदीप ओझा, सहायक परियोजना अधिकारी, एसडीओ, यंत्री, उपयंत्री, सचिव, रोजगार सहायक और ब्लॉक योजना अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन 22 ग्राम पंचायतों के कार्यों में जीरो प्रगति दर्ज की गई है, उनके सचिव और रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उन्हें निर्माण कार्य में शीघ्र प्रगति लाने और पंचायत भवन व सामुदायिक भवन निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए।
सीईओ प्रमोद ओझा ने सभी सचिवों, रोजगार सहायकों, यंत्रियों और उपयंत्रियों को निर्देशित किया कि वे निर्माणाधीन भवनों की भौतिक प्रगति में तेजी लाएँ और मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और जीपीडीपी के तहत चल रहे कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2025-26 में मनरेगा के वार्षिक लेबर नियोजन में लापरवाही बरतने पर 22 ग्राम पंचायतों को सख्त चेतावनी और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
— इन 22 ग्राम पंचायतों को जारी हुआ नोटिस
अमनीपिपरिया, बटौंधा, छिवलीमाल, धनुवासागर, दूधीमझौली, घानाघाट, केवलारी, कुईमाल, मुढ़ियाखुर्द, नारायनडीह, नरिया, नेवसा पाकरबर्धरा, पलकी, रकरिया, सहजपुरी, सरई, सिलहरी, सिमरिया, सुबखार, विदयपुर और विक्रमपुर। सीईओ प्रमोद ओझा ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति नहीं की गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ वेतन कटौती और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी और लक्ष्य की पूर्ति उनका पदीय दायित्व है।
