— जनजातीय कार्य विभाग मण्डला ने जारी किया सख्त निर्देश, 7 दिनों के वेतन काटने की चेतावनी
मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा शिक्षकों की उपस्थिति को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब सभी शिक्षकों की उपस्थिति eHRMS पोर्टल के e-Attendance Module पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग मण्डला द्वारा जारी पत्र में बताया गया कि e-Attendance सिस्टम को मोबाइल ऐप के माध्यम से फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिए संचालित किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य विभागीय शिक्षकों की उपस्थिति प्रणाली को अधिक पारदर्शी और रीयल-टाइम बनाना है।
हालाँकि, विभाग द्वारा कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जिले में अधिकांश शिक्षकों और अधिकारियों द्वारा e-Attendance मॉड्यूल का पालन नहीं किया जा रहा है। इस पर कलेक्टर मण्डला ने नाराज़गी जाहिर करते हुए सख्त रुख अपनाया है।
कलेक्टर के निर्देशानुसार यदि 1 नवम्बर 2025 से eHRMS पोर्टल पर शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती है, तो संबंधित आहरण संवितरण अधिकारी (DDO), विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी तथा संकुल प्राचार्य के माह नवंबर का सात दिन का वेतन काटा जाएगा।
सहायक आयुक्त ने कहा कि यह निर्देश भोपाल से जारी आदेशों के अनुपालन में जारी किए गए हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि माह नवंबर का वेतन अब शिक्षकों की उपस्थिति eHRMS पोर्टल में दर्ज आँकड़ों के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा।
जनजातीय कार्य विभाग मण्डला ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि उनके अधीनस्थ शिक्षक प्रतिदिन eHRMS पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करें। पत्र की प्रतिलिपि आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल, कलेक्टर मण्डला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मण्डला एवं संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग जबलपुर को भी सूचनार्थ भेजी गई है।





