डिंडौरी : जिले में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) अभियान के तहत बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के रूप में लगाई गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के लगभग 70 से 75 प्रतिशत शिक्षक इस कार्य में संलग्न हैं, जिससे स्कूलों की नियमित पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा अर्धवार्षिक परीक्षा की तिथि घोषित किए जाने के बाद अब शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। शिक्षक बीएलओ कार्यों में व्यस्त होने के कारण विद्यालयों में पढ़ाई बाधित हो रही है।
कार्यालय निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 104 डिंडौरी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और इस कार्य से जुड़े कर्मचारियों को अन्य कार्यों से मुक्त रखा जाए। इसमें जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जनपद पंचायत सीईओ, नगर परिषद सीएमओ और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नियुक्त कर्मचारियों को सहयोग प्रदान करें।
हालांकि शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि शिक्षकों पर बीएलओ कार्य और परीक्षा तैयारी दोनों का दबाव बढ़ गया है। इससे न केवल विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि परीक्षा परिणामों पर भी असर पड़ सकता है। शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि परीक्षा अवधि तक शिक्षकों को बीएलओ कार्यों से अस्थायी रूप से मुक्त किया जाए ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनी रह सके।





