डिंडौरी। निर्वाचन आयोग भारत द्वारा राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इस अभियान के तहत 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) नागरिकों के निवास स्थान पर पहुंचकर नाम, पता, आयु एवं अन्य विवरणों का भौतिक सत्यापन करेंगे। निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग दें, ताकि मतदाता सूची को और अधिक सटीक, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाया जा सके।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश श्री संजीव झा ने कहा कि जब बीएलओ घर आएं तो नागरिक फॉर्म में दर्ज जानकारी को ध्यानपूर्वक जांचें और पुष्टि करें। यदि किसी परिवार में कोई सदस्य 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका है, तो उसका नाम जोड़ने हेतु फॉर्म-6 उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, जिनका निधन हो गया है या जो अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके हैं, उनकी जानकारी बीएलओ को दी जा सकती है ताकि सूची से नाम हटाया जा सके। यह भी स्पष्ट किया गया है कि बीएलओ किसी प्रकार के दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेंगे, केवल संदेहास्पद प्रविष्टियों के मामलों में ही निर्वाचन रजिस्ट्री अधिकारी (ERO) द्वारा आवश्यक दस्तावेज़ मांगे जाएंगे। सभी बीएलओ निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत पहचान-पत्र के साथ ही नागरिकों के पास पहुंचेंगे।
घर-घर सत्यापन पूर्ण होने के बाद 9 दिसम्बर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। नागरिक 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक अपने नाम संबंधी दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने कहा कि नागरिकों का सक्रिय सहयोग यह सुनिश्चित करेगा कि हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो और कोई भी अपात्र प्रविष्टि न रह जाए।





